निचलौल। मूल आदिवासी जनजाति कल्याण संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने निचलौल ब्लॉक के लोहरौली गांव के ग्राम प्रधान सहित पांच लोगों के खिलाफ न्यायालय में वाद दाखिल कर फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाने की शिकायत की थी। पुलिस ने शुक्रवार को ग्राम प्रधान सहित पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच में जुट गई है।
गोरखपुर जिले के झुंगिया बाजार तारानगरी सेमरा नंबर दो निवासी विजय बहादुर चौधरी ने न्यायालय विशेष न्यायाधीश अनन्य न्यायालय एससी और एसटी कोर्ट में वाद दाखिल कर कहा था कि वह मूल आदिवासी जनजाति कल्याण संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। संगठन मूल आदिवासियों के संवैधानिक और विधिक अधिकारों व उनके सशक्तीकरण के लिए कार्य करती है, जिसका पंजीकरण सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम के तहत हुआ है। संस्था को जानकारी मिली कि महराजगंज जिले में कुछ भ्रष्ट जिम्मेदारों के चलते गैर आदिवासी लोगों को फर्जी जनजाति का जाति प्रमाणपत्र जारी किया गया है। इसके चलते उन लोगों ने मूल आदिवासी लोगों के संवैधानिक अधिकारों पर कब्जा कर लिया है।
उसके बाद जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति ने साक्ष्यों की जांच की। इस दौरान पाया गया कि कूटचरित तरीके से वे लोग जाति प्रमाण पत्र हासिल किए हैं। उसके बाद जाति प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया गया। इतना ही नहीं अपने आदेश में भी समिति ने कूटरचित को साबित किया है, लेकिन समिति की ओर से प्रमाणपत्रों को जारी करने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं किया गया हैं। वहीं जालसाजों की ओर से मामले में जाति प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए मंडलीय स्तरीय समिति गोरखपुर मंडल गोरखपुर के समक्ष अपील की गई थी, लेकिन अपील निरस्त कर दिया गया है। ऐसे में जालसाजों ने षड़यंत्र के तहत भ्रष्ट जिम्मेदारों के चलते फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर समुदाय के संवैधानिक अधिकारों का विधि विरुद्ध तरीके से हनन किया है। जिसके चलते उन्हें मानसिक रूप से परेशानी हुई है।
थाना प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह से मिली जानकारी के मुताबिक न्यायालय के आदेश पर कमलेश कुमार गौड़, पत्नी कुंती देवी, बेटा संजीत, कृष्ण कुमार, सुनीता देवी निवासी लोहरौली थाना कोतवाली ठूठीबारी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।