महराजगंज। स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर रविवार को जन आरोग्य मेले का आयोजन किया जाता है, लेकिन कुछ कर्मियों की लापरवाही के चलते लोगों का अच्छे से इलाज नहीं हो पा रहा है। कहीं जांच की व्यवस्था नहीं है, तो कहीं डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ ही मेले से गायब रह रहे हैं। रविवार को पड़ताल में इसकी जमीनी हकीकत सामने आई।
1:40 बजे निचलौल क्षेत्र के बजही गांव स्थित पीएचसी पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया था। मेले से डॉक्टर गायब दिखे। इतना ही नहीं मेले में पैरा मेडिकल स्टॉप भी मौजूद नहीं थे। मौके पर मौजूद एएनएम मंजू मौर्या ने पूछताछ में बताया की मेले में डॉ. दिलीप राय आए थे, जो अभी कुछ देर पहले किसी जरूरी कार्य के लिए निकले हैं। मेले में डॉक्टर की ओर से 29 मरीजों की जांच कर दवा दी गई है। वहीं अस्पताल पर बेटी का इलाज कराने आई गुड्डी मेले में डॉक्टर की कुर्सी खाली देख सोच में खड़ी थीं। उन्होंने कहा की बेटी का इलाज कराना था, लेकिन डॉक्टर साहब मेले में नहीं हैं।
1:50 बजे भारत नेपाल सरहद से सटे बरगदवा गांव स्थित पीएचसी पर भी मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला का आयोजन किया गया था। जहां पर डॉक्टर पारसनाथ, फार्मासिस्ट हरिशंकर त्रिपाठी, एलटी अशोक शुक्ला और वार्ड ब्वाय अमरनाथ चौधरी मौजूद दिखे। मेले में आने वाले मरीजों का डॉक्टर इलाज कर रहे थे। पूछताछ में उन्होंने बताया कि अब तक 15 मरीजों की जांच कर दवा दी गई है। वहीं अस्पताल गेट पर मौजूद एक शख्स ने कहा कि मेले के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है। क्योंकि मेले में किसी प्रकार की जांच नहीं की जाती है।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि जन आरोग्य मेले में पहुंचने वाले मरीजों की बेहतर इलाज के लिए जिम्मेदारों को निर्देश दिया गया है। अगर कहीं लापरवाही की जा रही है, तो जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।