- हंगामे के बीच पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया
- भोला के परिजन ने शव को अपना बताया, डीएनए जांच से होगी पुष्टि
- आग के बाद गोदाम की तलाशी पर उठे गंभीर सवाल
- सोमवार को गोदाम में लगी थी भीषण आग, मंगलवार को तलाशी में मिला जला कंकाल
गोरखपुर। मोहनलालपुर में तारपीन तेल के गोदाम में सोमवार को लगी आग बुझने के बाद यदि अंदर की पूरी तलाशी होती तो शायद मंगलवार को मलबे से कंकाल मिलने तक इंतजार नहीं करना पड़ता। आग के बाद से लापता 27 वर्षीय मजदूर भोला उर्फ रामबदन की तलाश में पहुंचे परिवार के सामने मंगलवार शाम गोदाम के मलबे में जला हुआ कंकाल मिला। परिजन ने इसे भोला का शव बताया लेकिन पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। डीएनए जांच के बाद ही पहचान स्पष्ट होगी।
भोला महराजगंज के सिंदुरिया क्षेत्र के मुजहना बुजुर्ग का रहने वाला था और मोहनलालपुर स्थित श्रीकृष्ण बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान पर काम करता था। सोमवार दोपहर करीब तीन बजे दुकान के पीछे बने गोदाम में आग लगी थी। गोदाम में तारपीन का तेल, पाइप, टिन, पीओपी, प्लास्टर, हार्डवेयर, तारकोल और पेंट समेत ज्वलनशील सामान रखा था। आग की लपटें तेजी से फैलने पर आसपास के करीब 20 घर खाली कराए गए। चार दमकल गाड़ियों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
आग बुझी लेकिन नहीं मिला भोला
आग बुझने के बाद गोदाम में किसी के फंसे होने की आशंका बनी रही लेकिन अंदर पूरी तलाशी नहीं हो सकी। इसी दौरान भोला का मोबाइल बंद मिला। परिवार ने सोमवार रात ही तिवारीपुर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। मंगलवार को भी कोई जानकारी नहीं मिली तो उसके पिता रविंद्र (60) मोहनलालपुर पहुंचे और 112 पर सूचना दी। पुलिस के साथ परिवार के लोग गोदाम पहुंचे। दोपहर करीब एक बजे मलबे की तलाश शुरू हुई। करीब चार घंटे बाद शाम पांच बजे अंदर जला हुआ कंकाल मिला। कंकाल की हालत ऐसी थी कि मौके पर ही पहचान संभव नहीं थी। परिजन ने कपड़ों और अन्य परिस्थितियों के आधार पर इसे भोला का बताया।
पिता बोले- एक बार चेहरा तो दिखा देते
कंकाल मिलने के बाद रविंद्र बदहवास हो गए। उन्होंने पुलिस से बेटे का चेहरा दिखाने की गुहार लगाई। उनका कहना था कि कम से कम एक बार चेहरा देखकर वह अपने बेटे की पहचान कर लेते। परिजनों के अनुसार पुलिस ने शव को पहले ही कपड़े में पैक कर दिया था। गुहार के बावजूद चेहरा नहीं दिखाया गया और पुलिस सुरक्षा में शव को पिकअप से भेज दिया गया। मृतक के पिता के साथ गांव से आए तीन-चार युवक भी मौके पर मौजूद थे। इसी बीच परिवार और मोहल्ले के लोगों ने सवाल उठाया कि सोमवार को आग बुझाने के बाद गोदाम की पूरी तलाशी क्यों नहीं की गई। कंकाल मिलने के बाद लोगों का आक्रोश बढ़ गया और मौके पर हंगामा शुरू हो गया। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया।
पुलिस ने गोदाम मालिक को हिरासत में ले लिया
गोदाम का मालिक कृष्णा गुप्ता घटना के बाद से लापता हो गया था। कंकाल मिलने के बाद पुलिस ने गोदाम मालिक को हिरासत में ले लिया। गोदाम मालिक कृष्णा बिल्डिंग मैटेरियल के नाम से कई वर्षों से तारपीन का तेल पैक कर दुकानों में सप्लाई करता था। दिवाली के मद्देनजर गोदाम में स्टॉक बढ़ाया जा रहा था और कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई गई थी। मोहल्ले वालों का कहना है कि आग लगने के बाद कृष्णा गोदाम पर पहुंचा था। आग की भयावहता देखकर वह वहां से चला गया। इसके बाद उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ हो गया। उसका किराये का मकान गोदाम से करीब आधा किलोमीटर दूर था। पुलिस अब दुकान मालिक से आग के समय गोदाम में मौजूद कर्मचारियों की जानकारी जुटा रही है।
अब तीन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
कंकाल मिलने के बाद जांच में तीन अहम बिंदु सामने हैं। पहला, क्या मलबे से मिला कंकाल वास्तव में भोला का है। दूसरा, आग लगने के समय गोदाम के अंदर कौन-कौन मौजूद था। तीसरा, आग बुझने के बाद गोदाम की पूरी तलाशी क्यों नहीं हो सकी और लापता मजदूर का पता अगले दिन क्यों चला।
कोट
तारपीन के जिस गोदाम में सोमवार को आग लगी थी, उसी के मलबे से जला हुआ कंकाल मिला है। भोला के परिजन का का दावा है कि यह दुकान पर काम करने वाले भोला उर्फ रामबदन का है। डीएनए जांच के बाद ही पहचान की पुष्टि होगी। दुकान मालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
- निमिष पाटील, एसपी सिटी