पहले मामले में गुजरात के गांधीनगर निवासी शिकायतकर्ता से ठगी के 50 हजार निकालने का आरोप
दूसरे मामले में शिकायत में महाराष्ट्र के बीड जनपद निवासी के खाते से 41.8 हजार निकालने का आरोप
ग्राम रामपुर महुअवा, पोस्ट करमहा निवासी सुनीता और इसी गांव और पोस्ट की मीरा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
महराजगंज। साइबर क्राइम थाना ने प्रतिबिंब पोर्टल पर संदिग्ध एटीएम हॉटस्पॉट की जांच के दौरान साइबर ठगी से जुड़े दो बैंक खातों का खुलासा किया है। साथ ही दो महिलाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक सजनू यादव ने बताया प्रतिबिंब पोर्टल पर जनपद से संबंधित संदिग्ध एटीएम हॉटस्पॉट की जांच की जा रही थी। इसी दौरान राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज शिकायत के अवलोकन में पता चला कि गुजरात के गांधीनगर निवासी शिकायतकर्ता भवेश भाई प्रजापति से साइबर ठगी के 50 हजार रुपये जियो पेमेंट बैंक के एक खाते में स्थानांतरित किए गए थे।
जांच में बैंक से प्राप्त केवाईसी के आधार पर यह खाता सुनीता निवासी ग्राम रामपुर महुअवा, पोस्ट करमहा, थाना घुघली के नाम पर मिला। पुलिस के अनुसार उक्त राशि 19 अक्टूबर 2025 को एटीएम के माध्यम से निकाली गई।
एक अन्य शिकायत में महाराष्ट्र के बीड जनपद निवासी नवनाथ रोजदास पवार से ठगी गई 41,800 रुपये की रकम जियो पेमेंट बैंक के एक अन्य खाते में पहुंची थी। बैंक अभिलेखों से यह खाता मीरा निवासी ग्राम रामपुर महुअवा, पोस्ट करमहा, थाना घुघली के नाम पर पाया गया। जांच में सामने आया कि इस खाते से 32,800 रुपये एटीएम के जरिए निकाले गए थे। संबंधित एटीएम निकासी का स्थान भी प्रतिबिंब पोर्टल पर जिले के एटीएम विदड्रॉल लोकेशन के रूप में प्रदर्शित हो रहा था।
प्रभारी निरीक्षक सजनू यादव ने उपलब्ध साक्ष्यों और बैंक से प्राप्त केवाईसी के आधार पर दोनों खाताधारकों के विरुद्ध साइबर अपराध से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। उनका कहना है कि मामले की विवेचना कर यह भी पता लगाया जा रहा है कि दोनों खातों का उपयोग किसी साइबर ठगी गिरोह द्वारा किया गया या खाताधारकों की इसमें प्रत्यक्ष भूमिका रही।
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या ओटीपी उपलब्ध न कराएं तथा संदिग्ध ऑनलाइन लेनदेन की सूचना तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर अपराध पोर्टल पर दें।