महराजगंज। सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों को सत्यापन कराने की अब जरूरत नहीं होगी। गेहूं खरीद नीति शासन की ओर से जारी कर दी गई है। नई नीति में किसान 100 क्विंटल तक गेहूं बिना सत्यापन के बेच सकेंगे। वहीं बटाईदार किसानों को भी उत्पाद सरकारी केंद्रों पर बेचने का मौका दिया गया है।
डिप्टी आरएमओ विवेक सिंह ने बताया कि अभी तक 4352 किसानों ने पंजीकरण कराया है। सरकार ने इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 2275 रुपये निर्धारित किया है। नई क्रय नीति से किसानों को और भी कई फायदे होंगे। किसानों को सरकारी क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने के लिए गांव-गांव जाकर प्रेरित किया जाएगा। इस बार की नीति में किसानों को सत्यापन प्रक्रिया से दूर कर दिया गया है।
बटाईदारों को भी सरकारी केंद्रों पर उपज बेचने का मौका दिया गया है। उन्होंने बताया कि पंजीकरण कराते हुए फसल बिक्री कर योजना का लाभ लेने की अपील की गई है। अभी तक किसानों को 100 क्विंटल गेहूं बिक्री करने पर तहसील से सत्यापन कराना होता है। सत्यापन के नाम पर किसानों को परेशानी होती थी। 100 क्विंटल तक बिक्री के लिए सत्यापन नहीं कराना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि एक मार्च से ही गेहूं की खरीद शुरू हो जाएगी। सभी राजकीय गेहूं कय केंद्रों पर निशुल्क पंजीकरण किया जा रहा है। वर्तमान खरीद सत्र में बटाईदार से भी खरीद की व्यवस्था की गई है। रबी विपणन 2024-25 के अंतर्गत गेहूं विक्रय के उपरांत 48 घंटे के अंदर भुगतान की व्यवस्था की गई है। जनपद में 168 गेहूं कय केंद्र स्वीकृत हुए हैं।