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Maharajganj News: नए नियम से मुश्किल में किसान, डीजल की किल्लत से हो रहे परेशान

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प्रशासन का दावा तस्करी रुकने से घटी पंपों पर कतार
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पांच लीटर डीजल से आखिर कब तक कर सकेंगे सिंचाई
महराजगंज। नेपाल सीमा क्षेत्र से सटे लगभग 41 पेट्रोल पंपों की निगरानी बढ़ाने और आधार कार्ड दिखाकर एक बार में पांच लीटर डीजल देने का फैसला लागू करके प्रशासन डीजल तस्करी पर रोक लगाने का दावा कर रहा है। दावा है कि इसी वजह से पंपों पर किसानों की कतार कम हो गई है। हालांकि किसान प्रशासन के दावे से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि क्या पांच लीटर तेल से नर्सरी की सिंचाई हो सकेगी? आगे धान की रोपाई भी करनी है।
कृषि बाहुल्य जनपद के किसान इन दिनों डीजल की कमी से जूझ रहे हैं। पंपों पर घंटों लाइन में लगने के बाद भी किसानों को डीजल नहीं मिल पा रहा है। दूसरी ओर प्रशासन समस्या से ही इंकार कर रहा है। प्रशासन एक तरफ तो यह मानने को ही तैयार नहीं है कि डीजल आपूर्ति का संकट है। दूसरी ओर किसानों को महज पांच लीटर डीजल देने का ही फैसला लागू कर दिया गया है। नए फैसले के अनुसार एक किसान को अपना आधार कार्ड दिखाने पर गैलन में पंप से सिर्फ पांच लीटर डीजल एक बार में दिया जाएगा। यह भी शर्त है कि किसान अपनी तहसील के पेट्रोल पंप से ही तेल पाएंगे।
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नए प्रावधान ने पंपों से भीड़ से निजात तो दिला दी, लेकिन इस प्रावधान से किसान परेशान हैं। उनका कहना कि जब तस्करी नियंत्रित है भरपूर डीजल है तो आखिर उनके लिए 5 लीटर डीजल व आधार प्रावधान क्यों। किसान आखिर मिलने वाली डीजल मात्रा से कब तक सिंचाई कर पाएंगे और स्थिति ऐसी ही रही तो वह रोपाई कैसे करेंगे।

फोटो



नए नियम ने किसानों को बेचारा बना दिया है। उनकी मायूसी पर शासन प्रशासन व जनप्रतिनिधि भी नहीं ध्यान देते। हर मामले में किसानों को ही क्यों बलि का बकरा बनाया जा रहा है। सरकार का दावा आय दोगुनी करने का था जो अब तक नहीं हुआ है। अब किसान डीजल की किल्लत झेल रहे हैं।

- गंगा पटेल, निवासी निरनाम पूर्वी





पिछले वर्ष उर्वरक की मारामारी किसानों ने झेली वही इस बार तो बेहन डालते ही डीजल की मारामारी है। नएये प्रावधान के मुताबिक अगर 5 से 10 हेक्टेयर खेत किसी के पास है तो वह परिवार के सभी सदस्यों का आधार एकत्रित करे और सभी सदस्यों को पंप पर कतारबद्ध करे तब कहीं रकबे को सींचने लायक डीजल का प्रबंध हो सकेगा।

- अरुण चौधरी, किसान, लेदवां


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एक हेक्टेयर धान की नर्सरी कड़ी धूप के चलते हर दूसरे दिन सींचनी पड़ रही है। एक बार में कम से कम आठ लीटर डीजल खर्च होता। नए निमय से धान की नर्सरी ही नहीं बचेगी रोपाई दूर की बात।
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-धीरेंद्र, किसान, लेदवां


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आखिर पांच लीटर डीजल, आधार कार्ड की अनिवार्यता, तहसील का पंप इत्यादि शर्त किसानों के लिए क्यों लागू किए गए हैं। जब तस्करी नहीं हो रही है तो पंप का डीजल कहां खपाया जा रहा है।



-राम अशीष जिलाध्यक्ष भाकियू, महराजगंज

वर्जन



तस्करी रोकने के लिए नया प्रावधान डीएम के निर्देश से प्रभावी किया गया है। यह प्रावधान सदैव के लिए नहीं, बल्कि जबतक किल्लत तभी तक प्रभावी हुई है।

- एपी सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी, महराजगंज
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