महराजगंज। आनंदनगर-घुघली रेल खंड के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया मौजूदा समय में प्रभावी है। लेकिन, अधिग्रहण की भूमि का निर्धारण कृषि भूमि के रूप में किए जाने को किसान धोखा बता रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी जमीन कामर्शियल है, इसलिए रेलवे की तरफ से मुआवजा भी कामर्शियल रेट से तय किया जाए। सोमवार को महुअवां के लोगों ने जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर कामर्शियल रेट से मुआवजे की मांग की।
नगर पालिका परिषद महराजगंज का वार्ड नंबर 10 महुअवां के रूप में जाना जाता है। नए रेलखंड के दायरे में यहां की भूमि भी आ रही है जिसकी मालियत कृषि क्षेत्र के रूप में निर्धारित की जा रही है, जबकि दिए गए ज्ञापन में कृषकों का दावा है कि अधिकतर जमीन जो चिह्नित है वह महराजगंज-फरेंदा हाइवे से जुड़ा है और सरकारी अभिलेख में कामर्शियल दर्ज है जिसकी कीमत करोड़ों में है। लेकिन, इसे कृषि भूमि दिखाकर मुआवजा तय किया जा रहा जो हमें स्वीकार नहीं। ज्ञापन सौंपने वालों ने कामर्शियल दर से चार गुना मूल्य देने की मांग की है। इस दौरान आशीष, अरुण बरई, कृष्ण मोहन शुक्ल, कैलाश प्रसाद, दमयंती राय, गोपीचंद गौतम, महेंद्र, ऋषिकेश, हरिकेश, अंकुर आदि मौजूद रहे।