महराजगंज। कृषि विभाग की तरफ से किसानों को सभी योजनाओं का लाभ सुविधाजनक तरीके से मिल सके, इसके लिए फार्मर रजिस्ट्री कराई जा रही है। इसमें आपेक्षित परिणाम न मिलने के कारण सूबे में जनपद 28वें पायदान पर है। जिले में फार्मर रजिस्ट्री से अभी 88076 किसान शेष हैं, जिनकी रजिस्ट्री के लिए 30 अप्रैल तक की सीमा निर्धारित है।
जनपद में कुल 5,29,226 किसान पंजीकृत हैं। इनके लिए फार्मर रजिस्ट्री का कार्य नवंबर 2024 से प्रभावी है, लेकिन अभी तक सभी किसानों को इससे आच्छादित नहीं किया जा सका। शासन की तरफ से इसके लिए तय सीमा कई बार बढ़ी, लेकिन इस बार समय बढ़ाने की संभावना न देखकर विभाग ने योजनाओं के लाभ से किसानों को वंचित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फार्मर रजिस्ट्री से वंचित किसानों को मई से पात्र गृहस्थी व अंत्योदय का राशन न देने का आदेश जारी हो चुका है। अब किसान सम्मान निधि, कृषि यंत्र व खाद बीज सब्सिडी, आवास, शौचालय जैसी योजनाओं का लाभ भी रोकने की तैयारी चल रही है।
नाम सुधार के लिए शासन से तय हुई व्यवस्था-
फार्मर रजिस्ट्री से बड़ी संख्या में किसान इसलिए वंचित हैं क्योंकि खतौनी व आधार में नाम भिन्न है। समस्या को देखते हुए शासन ने लेखपालों के ऑनलाइन पोर्टल पर नाम सुधार का विकल्प उपलब्ध करा दिया। खसरा-खतौनी व आधार में नाम की भिन्नता पर किसान अपने क्षेत्र के लेखपाल से संपर्क कर सुधार करा सकते हैं। शासन की तरफ से सभी लेखपालों को पोर्टल के लिए आईडी व पासवर्ड काफी पहले निर्गत कर दिया है।
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30 अप्रैल तक जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं हुई है, उन्हें विभिन्न योजनाओं के लाभ से वंचित कर दिया जाएगा। शेष बचे समय में रजिस्ट्री प्रक्रिया किसान पूर्ण करा लें। नाम गलत है तो लेखपाल से सुधार करा लें। अप्रैल के बाद समय सीमा नहीं बढ़ेगी।
- वीरेंद्र कुमार सिंह, उप कृषि निदेशक