महराजगंज। मौसम बदलने के कारण जिला अस्पताल का संक्रामक रोग वार्ड भर चुका है। इस वार्ड में 26 बेड पर 35 मरीज भर्ती हैं। ज्यादातर मरीज डायरिया, बुखार के शामिल हैं। मौसम में उतार-चढ़ाव से इन दिनों सेहत पर असर दिखने लगा है।
जिला अस्पताल के संक्रामक रोग वार्ड में क्षमता से ज्यादा मरीजों को भर्ती किए जाने से दुश्वारियां बढ़ गई हैं। ओपीडी में भी मरीजों की भीड़ बढ़ने से डॉक्टरों से जांच कराने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना 800 से अधिक मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। महेश कुमार ने बताया कि पहले बच्चे को बुखार हुआ तो नजदीक के अस्पताल में दिखाया।
बावजूद इसके राहत नहीं मिली तो जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया। चौक बाजार क्षेत्र के नाथनगर गांव की सीमा शर्मा दो माह की बच्ची को भर्ती कराईं हैं। उसे निमोनिया हुआ है। उन्होंने बताया कि बच्ची को भर्ती किए हुए चार दिन हो चुके हैं। उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। चेहरी गांव की ममता अपने 13 माह बेटे को भर्ती कराई हैं। उन्होंने बताया कि बेटे को पेट में दर्द व दस्त हो रहा है।
चार दिन से इलाज हो रहा है। अब उसकी हालत में सुधार हो रहा है। लक्ष्मीपुर देउरा गांव की आशिया खातून ने बताया कि आठ माह की बेटी को तेज बुखार के साथ झटका भी आ रहा है। उसे तीन दिन से भर्ती कराई हूं। इलाज के बाद सुधार हो रहा है। वार्ड में मरीज अधिक होने से थोड़ी समस्या है।
परसामलिक क्षेत्र के दोगहरा गांव के रविशंकर ने बताया कि एक माह के बेटे को तीन दिन पहले भर्ती कराया हूं। निमोनिया का लक्षण है। इलाज हो रहा है। अभी कुछ खास सुधार नहीं हो रहा है। इसी तरह से अन्य तीमारदारों ने भी समस्या का जिक्र किया। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजन मिश्रा ने बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण समस्या हो रही है। प्रतिरोधक क्षमता कम होने से बच्चे बीमारी की चपेट में आते हैं। सचेत रहने की जरूरत है।
सीएमएस डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है। दवाएं पर्याप्त हैं। सभी डॉक्टरों को ओपीडी में समय से उपस्थित रहने के लिए निर्देशित किया गया है।