महराजगंज। सात साल पहले एक चिट फंड कंपनी में अपनी गाढ़ी कमाई निवेश करने वाले किसान की सोमवार की दोपहर तनाव के कारण मौत हो गई। इससे नाराज परिजनों ने एजेंट के घर के सामने शव रखकर देर रात बैठे रहे।
उन्होंने प्रदर्शन करते हुए अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के बांसपार बैजौली टोला छावनी का है, जहां 60 वर्षीय किसान लल्लन यादव ने जीपीए नामक चिट फंड कंपनी में एक लाख तीस हजार रुपये जमा किया था। जानकारी के अनुसार, सात साल पहले जीपीएस कंपनी ने किसानों को अधिक मुनाफा देने का लालच देकर निवेश करवाया था।
गांव के ही एजेंट के माध्यम से कई लोगों ने अपनी जमापूंजी इस कंपनी में लगाई थी, लेकिन कुछ ही समय बाद कंपनी अपना सारा कारोबार समेटकर भाग गई।
इस घटना के बाद से ही किसान लल्लन यादव लगातार अपनी जमा पूंजी वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। बताया जा रहा है कि लंबे समय से जमा रकम न मिलने और आर्थिक तंगी के चलते लल्लन यादव मानसिक तनाव में थे। सोमवार की दोपहर में उनकी मौत हो गई।
मौत के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने मृतक किसान का शव एजेंट के घर के सामने रख दिया और मांग की कि जब तक उनकी जमा पूंजी वापस नहीं की जाएगी तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाल सत्येंद्र कुमार राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। मृतक के परिजन और गांव के अन्य लोग कंपनी के एजेंट से पैसे लौटाने की मांग पर अड़े रहे। पुलिस अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की कि एजेंट के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी और मामले की जांच की जाएगी।
मृतक किसान के परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पैसा वापस नहीं मिलेगा, वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। घटना के बाद गांव में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और परिजनों से लगातार बातचीत कर मामले को शांत करने की कोशिश कर रहा है। सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र राय के अनुसार, लोगों को समझने की कोशिश की जा रही है। गांव में शांतिपूर्ण स्थिति बनी हुई है।