महराजगंज। गर्मी का मौसम आ गया है। अब कोल्ड ड्रिंक की बिक्री भी बढ़ेगी, इसे ध्यान में रखते हुए एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक खपाने में धंधेबाज जुटे हैं। थोड़ी सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। दूसरी ओर नवरात्र को देखते हुए मिलावटी घी खपाने की तैयारी की जा रही है। सस्ते दाम वाले घी को शुद्ध बताकर बाजार में बेचा जा रहा है।
कारोबारियों के अनुसार जिले में तीन हजार से ज्यादा खुदरा विक्रेता कोल्ड ड्रिंक के कारोबार से जुड़े हुए हैं। सबसे ज्यादा कारोबार, होटल, रेस्टोरेंट, बस अड्डा, रेलवे स्टेशन, आदि स्थानों पर होता है। इन स्थानों पर गर्मियों के सीजन में एक विक्रेता 150 से 200 बोतल प्रतिदिन बिक्री करता है। ऐसे में माना जा रहा है सीजन में जिले में रोज औसतन एक लाख से ज्यादा ठंडे पेय की बिक्री होती है।
दूसरी ओर पुराना माल खपाने के लिए इंतजाम कर लिया गया है। शहर में बृहस्पतिवार को पड़ताल के दौरान एक दुकान पर अंदर कोल्ड ड्रिंक गत्ते में रखा हुआ था। उसमें से एक बोलत लेकर देखने पर उसपर वर्ष 2024 लिखा था। उसे रखकर वहां से आगे बढ़ने पर दूसरी दुकान से कोल्ड ड्रिंक लेकर देखने में वहां भी एक्सपायरी मिला। सूत्रों की मानें तो गोरखपुर से सस्ते दर पर एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक मंगाया गया है।
बीते दिनों गोरखपुर में कार्रवाई के दौरान कोल्ड ड्रिंक बरामद हुआ था। इससे अंदेशा है कि धंधेबाजों ने ज्यादातर माल सीमावर्ती जिले में खपा दिया है। ग्रामीण बाजारों में जल्दी कोई एक्सपायरी पर ध्यान नहीं देता है, इसका फायदा धंधेबाज उठाते हैं। इस बार गर्मी में इसे खपाने के लिए पूरी व्यवस्था कर ली गई है। सूत्रों की माने तो ज्यादातर एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक ग्रामीण बाजारों में पहुंचा दिया गया है।
यह है कार्रवाई का प्रावधान
विक्रेता के पास अवधि पार कोल्ड ड्रिंक का स्टॉक मिलने पर तत्काल माल नष्ट कर दुकान को सीज कर दिया जाता है। वहीं भविष्य में कोल्ड ड्रिंक की बिक्री पर पाबंदी लगा दी जाती है। साथ ही निर्माता फर्म की जानकारी कर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
देसी घी के नाम पर बिक रहा पाम ऑयल और बटर ऑयल का मिश्रण
महराजगंज। नवरात्र को देखते हुए शहर में मिलावटखोर घी खपाने में लगे हैं। मिलावटी घी को शुद्ध बताकर बाजार में भेजा जा रहा है। असल में देसी घी के नाम पर पाम ऑयल और बटर ऑयल का मिश्रण होता है। इसे कोई समझ नहीं पाता है। सस्ते के चक्कर में मिलावटी घी आसानी से बिक जा रहा है।
शहर में दुकानों पर मिलावट के खेल के बारे में जानकारी हुई। सस्ते के चक्कर में मिलावट वाला घी बाजार में बिक रहा है। ग्राहक तो समझ नहीं पाएगा कि यह असली है या मिलावट वाला। दुकानदार को पूरी जानकारी होती है। बाजार में स्पर्धा को देखते हुए रेट कम कर देशी घी बेचने के चक्कर में मिलावट वाला बेचा जा रहा है।
सूत्रों की माने तो गांव का शुद्ध देशी घी बताकर मिलावटी बेचा जा रहा है। शुद्ध देशी घी बाजार में कम से कम 1200 रुपये प्रति किलो की दर से मिलता है। बाजार में पैक घी अलग-अलग रेट का है। औसतन 600 रुपये प्रति किलो के हिसाब से घी मिलता है। सस्ते दर पर मिलने वाले घी में मिलावट होती है।
डॉ. डीके कुशवाहा ने बताया कि देसी घी की खुशबू के लिए केमिकल डाई एसिटाइल की कुछ बूंदें डाली जाती हैं। हालांकि, यह घी खतरनाक है। इससे हार्ट अटैक का खतरा रहता है। धंधेबाज रिफाइंड ऑयल और अन्य केमिकल की मिलावट कर देसी घी बना देते हैं। खरीदारी के दौरान लोगों को सचेत रहने की जरूरत है। संवाद