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Maharajganj News: लोकार्पण के तीन साल बाद भी सरयू नहर बेपानी...किसान के मंसूबे पर फिर रहा पानी

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सरयू नगर परियोजना।
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महराजगंज। सरयू नहर परियोजना लोकार्पण के तीन साल बाद भी बेपानी है। इस परियोजना से 4.04 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचित की योजना है। गोरखपुर जिले के एक रेलवे क्राॅसिंग के पास काम ठप होने से नहर संचालित नहीं हो पा रही है। इससे किसानों के मंसूबे पर पानी फिर रहा है।
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जानकारी के अनुसार, किसानों को सिंचाई की अच्छी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने सरयू नहर परियोजना के जरिये नहर बनाया, ताकि नौतनवा, लक्ष्मीपुर, फरेंदा क्षेत्र के किसानों के खेतों की अच्छी सिंचाई हो सके। मगर, नहर में पानी नहीं आने से गेहूं की बुवाई के बाद सिंचाई प्रभावित हो रही है।
पांच नदियों को जोड़ने वाली वर्ष 1978 में शुरू हुई सरयू नहर परियोजना का लोकार्पण प्रधानमंत्री ने 11 दिसंबर 2021 को किया था। सरयू नहर भोतहा होते हुए लक्ष्मीपुर कैथवलिया, बेलासपुर, एकमा, बरगदवा विशुनपुर, कोट कम्हरिहा, बरगदवा मधुबनी आदि गांवोंं को जोड़ती है। फरेंदा बुजुर्ग के किसान अत्री चौहान, त्रिवेनी, धनराज प्रसाद, रामकिशुन, महेंद्र व सुरेश ने बताया कि नहर पूरा होने में काफी समय लग गया। अब तक किसानों को सुविधा का लाभ नहीं मिल पाया है।
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अब तक नहरों में पानी न आने से खेतों में पंपिंग सेट के सहारे सिचाई करनी पड़ रही है। नहर शुरू हो जाती तो सैकड़ों किसानों को लाभ मिलता। आर्थिक नुकसान नहीं होता। सरयू नहर बन जाने के बाद सिंचाई आसान हो जाएगी।
-राधेश्याम, महुअवा महुई
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पानी के अभाव में फसल प्रभावित होती है। नहर शुरू हो जाती तो किसानों को काफी फायदा होता। डीजल महंगा होने के कारण खेती की लागत बढ़ जाती है।
विश्वभरं प्रसाद, परासखाड़
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कोट
गोरखपुर में रेलवे क्राॅसिग व सड़क पार करने के कारण नहर का कार्य अवरूद्ध हो रहा था, जो अब लगभग पूरा हो गया है। नहर में पानी अगले सत्र आने लगेगा। इसके लिए युद्धस्तर पर कार्य चल रहा है।
-पंकज सिन्हा, एसडीओ, सरयू नहर परियोजना
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318 किमी लंबी मुख्य नहर से जोड़ा गया
सरयू नहर परियोजना उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी परियोजना है। इससे बहराइच, गोंडा, बस्ती, श्रावस्ती, बलरामपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर और महाराजगंज के 25-30 लाख किसानों को लाभ मिलेगा। इस नहर से 14.04 लाख हेक्टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा होगी। इस परियोजना के तहत सिंचित क्षेत्र 4.04 लाख हेक्टेयर होगा। परियोजना के तहत पांच नदियों घाघरा, राप्ती, बाणगंगा, सरयू और रोहिन को जोड़ा गया है। नहर की कुल लंबाई 6,600 किमी है। इन्हें 318 किमी लंबी मुख्य नहर से जोड़ा गया है।
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