महराजगंज/परतावल। धर्म परिवर्तन के मामलों पर प्रशासन भले ही सख्ती बरत रहा है, लेकिन इसका असर सुग्रीव पर जरा सा भी नहीं पड़ रहा है। सख्ती के बाद भी वह अपनी आदतों से बाज नहीं आया। तरकुलवा भटगांवा निवासी सुग्रीव को धर्मांतरण कराने के आरोप में पहले भी पुलिस पकड़ चुकी है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह वही आरोपी है, जिसे 20 साल पहले घर वापसी कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद उसने गुपचुप तरीके से प्रार्थना सभाएं जारी रखीं।
हिंदू युवा वाहिनी के एक पूर्व पदाधिकारी ने बताया कि वर्ष 2005 में तरकुलवा भटगांवा निवासी सुग्रीव के अलावा आधा दर्जन परिवार ईसाई धर्म अपना लिए थे। उस समय गांव में सक्रिय वाहिनी कार्यकर्ताओं ने इसकी सूचना संरक्षक को दी। इसके बाद परतावल नवीन मंडी स्थल में आयोजित एक कार्यक्रम में सुग्रीव के अलावा सभी लोगों को बुलाया और मंच पर उन्हें भगवा वस्त्र धारण कराकर घर वापसी कराया गया था।
सुग्रीव से ईसाई धर्म अपनाने का कारण पूछा तो उसने अपने गरीबी का हवाला दिया, जिसपर उन्होंने कोटेदार से कहकर राशन भी दिलवाया था। इसके अलावा ग्राम सभा तरकुलवा भटगांवा में सहभोज सभा का आयोजन कराया। सहभोज कार्यक्रम में एक तरफ सुग्रीव तो दूसरी तरफ बुद्धिरामपुर निवासी महेश ने बैठकर भोजन किया।
इस कार्यक्रम में गांव के अलावा क्षेत्र के हजारों लोग शामिल हुए। सहभोज का मुख्य उद्देश्य यही था कि ईसाई धर्म अपनाने वाले सुग्रीव व अन्य परिवार वालों का सामाजिक बहिष्कार न हो। सहभोज के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया गया कि अब उनकी घर वापसी हो गई है।
इसके बावजूद भी उसने अपने पुराने तौर-तरीके नहीं छोड़े। बताया जा रहा है कि वह चोरी-छिपे प्रार्थना सभाओं का आयोजन कर रहा था और भोले-भाले लोगों को बहला-फुसलाकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित कर रहा था। वर्ष 2013 में जब इसकी गतिविधियों की जानकारी मिली तो स्थानीय लोगों ने विरोध किया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रार्थना सभा बंद कराया और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
सुग्रीव को जब पुलिस उठा ले गई तो उसका परिवार तत्कालीन विधायक के पास पहुंचा और दोबारा यह गलती न करने का हवाला दिया। हियुवा कार्यकर्ता ने बताया कि उस समय भी सुग्रीव और उसके परिवार ने भरोसा दिलाया था कि वह अब अपने हिंदू धर्म में ही रहेंगे।
विधायक की पैरवी पर पुलिस ने सुग्रीव को रिहा कर दिया था, लेकिन उसके बाद भी सुग्रीव ने अपनी आदत नहीं बदली। श्यामदेउरवा थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह के अनुसार, टीम मुख्य आरोपी की तलाश में जुटी है।