12 एकड़ क्षेत्रफल में निर्मित है नवीन उप मंडी, प्रशासन ने सितंबर माह में संचालन शुरू करने का किया दावा
7 दुकानों का हुआ आवंटन, 6 ने जमा किया प्रीमियम राशि
महराजगंज। जिले में फल, सब्जी और खाद्यान्न कारोबार को एक ही स्थान पर व्यवस्थित करने के उद्देश्य से तैयार की गई नवीन उप मंडी स्थल तैयार होने के पांच माह बाद भी सूना पड़ा है। नई मंडी में दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण अभी भी खाद्यान्न की मंडी परतावल और सब्जी मंडी कलेक्ट्रेट मोड़ के पास किराए की जमीन पर संचालित हो रही है। जबकि फल कारोबारियों के लिए कोई जगह ही निर्धारित नहीं है।
जानकारी के अनुसार, मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूर मऊपाकड़-धनेवा धनेई मार्ग पर 12 एकड़ भूमि में लगभग 6.84 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नई मंडी उद्घाटन के इंतजार में है। यही नहीं दुकानों का पूरी तरह से आवंटन भी नहीं हो सका है। मंडी प्रशासन का दावा है कि सितंबर माह के पहले सप्ताह तक इसका लोकार्पण कराकर कारोबार शुरू करा दिया जाएगा।
परतावल मंडी समिति की ओर से निर्मित इस नवीन उप मंडी में फल, सब्जी और खाद्यान्न कारोबार के लिए अलग-अलग दुकानें बनाई गई हैं। साथ ही सब्जियों की खरीद-बिक्री के लिए नीलामी चबूतरा और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। मंडी परिसर पूरी तरह तैयार है।
पहली बार का आवंटन निरस्त, दूसरी बार में सात को मिली दुकान
पहली बार 30 दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इनमें 20 दुकानें गल्ला कारोबारियों और 10 दुकानें फल एवं सब्जी कारोबारियों के लिए निर्धारित थीं। लेकिन गल्ला दुकानों के लिए अपेक्षित बोली नहीं मिलने के कारण 20 दुकानों का आवंटन निरस्त कर दिया गया। वहीं फल एवं सब्जी की 10 दुकानों की बोली स्वीकार कर ली गई थी लेकिन अधिक प्रीमियम राशि के कारण संबंधित व्यापारियों ने निर्धारित धनराशि जमा नहीं की। ऐसे मामलों में आवंटन के समय जमा कराई गई 75 हजार रुपये की डिमांड ड्राफ्ट राशि जब्त कर ली गई। इसके बाद 30 जुलाई को दूसरी बार आवंटन प्रक्रिया आयोजित की गई। इस बार 10 दुकानों के लिए सात आवेदन प्राप्त हुए और सात दुकानों का आवंटन कर दिया गया। इनमें से छह व्यापारियों ने प्रीमियम राशि भी जमा कर दी है।
निजी भूमि पर संचालित होती है सब्जी मंडी
वर्तमान में जिले की प्रमुख सब्जी मंडी कलेक्ट्रेट के समीप निजी भूमि पर संचालित होती है। वहीं जिले में फल कारोबारियों के लिए कोई निर्धारित और व्यवस्थित मंडी नहीं है। ऐसे में अधिकांश फल विक्रेता सड़क किनारे दुकानें लगाने को मजबूर हैं। इससे न केवल व्यापारियों को असुविधा होती है बल्कि यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है। शहर के प्रमुख मार्गों पर फल और सब्जी की अस्थायी दुकानों के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है।
वर्जन
प्रशासन को सात दुकानों के आवंटन से 1.65 करोड़ रुपये की आय हुई है। अब गल्ला मंडी की 20 दुकानों में से 10 दुकानों को फल एवं सब्जी कारोबारियों के लिए परिवर्तित करने की तैयारी चल रही है। शेष दुकानों का आवंटन जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
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नैनतारा सिंह, मंडी सचिव परतावल
नवीन उप मंडी शुरू होने से व्यापारियों को एक ही स्थान पर कारोबार करने की सुविधा मिलेगी। अभी तक जिले में फल मंडी के लिए कोई निर्धारित स्थान नहीं था, जिसके कारण सड़क किनारे दुकानें लगानी पड़ती थीं। नई मंडी शुरू होने के बाद व्यापारियों के साथ-साथ ग्राहकों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
पिंटू कुमार, फल कारोबारी
30 जुलाई को तहसील सभागार में दुकानों के आवंटन के लिए बोली प्रक्रिया आयोजित की गई थी। हालांकि अभी सभी दुकानों का आवंटन नहीं हो सका है। मंडी शुरू होने के बाद व्यापारियों को व्यवस्थित माहौल मिलेगा और कारोबार को नई गति मिलेगी।
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अजय गुप्ता, सब्जी व्यापारी