नेपाल की राजधानी काठमांडो में प्रदर्शन का असर सोनौली बार्डर पर दिख रहा है। शुक्रवार को सामान लेकर जाने वाले ट्रकों को भेजा गया, लेकिन तीर्थयात्रियों को रोक दिया गया। बाबा पशुपतिनाथ के दर्शन के लिए जा रहे करीब 60 तीर्थयात्री सुबह 10 बजे बार्डर पर पहुंचे, तो नेपाल की बेलहिया पुलिस ने उनको आगे जाने से रोक दिया। ऐसे में उन्हें लौटना पड़ा। वहीं, आंदोलन को देखते हुए पर्यटक भी कम जा रहे हैं।
काठमांडो में राष्ट्र, राष्ट्रीयता, धर्म, संस्कृति और नागरिक बचाव महाभियान, नेपाल के संयोजक दुर्गा प्रसाई को बृहस्पतिवार को हुई हिंसा के बाद स्थानीय प्रशासन ने घर में नजर बंद कर दिया है। निषिद्ध क्षेत्रों में कार्यक्रम करने के आरोप में 75 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है।
इसके बाद से सरहद पर और चौकसी बरती जा रही है। वहीं, काठमांडो में प्रवेश के भक्तपुर, थिमी सहित कई रास्ते बंद कर दिए गए हैं। जबकि बुटवल और लुंबिनी जाने वाले भारतीय यात्रियों को जाने दिया जा रहा है।
काठमांडो प्रशासन ने शुक्रवार को नोटिस जारी कर कहा कि तिनकुने इलाके में प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। नोटिस की अवहेलना कर कुछ लोग इलाके में जमा हो गए तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियां गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। मुख्य जिलाधिकारी जितेंद्र बस्नेत ने बताया कि सीमावर्ती जिलों में कड़ाई के निर्देश दिए गए हैं। बाहर से काठमांडो आने वाले यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिकोण रोका गया है।