कॉमर्शियल सिलिंडर के दाम 993 बढ़ने से रिफिलिंग में भी रसोई गैस महंगी होने की आशंका
फरेंदा। गैस सिलिंडर की किल्लत के बीच शुक्रवार को व्यवसायिक गैस सिलिंडर के दामों में बेतहाशा वृद्धि से चाय की चुस्कियों के साथ ही बाहर का खाना भी महंगा हो गया है। कुछ दुकानदारों ने चाय और समोसे के दाम बढ़ा दिया हैं। वहीं होटल और रेस्टोेरेंट व्यवसायियों का साफ कहना है कि यदि वह दाम नहीं बढ़ाएंगे तो व्यवसाय चलाना मुश्किल हो जाएगा। वहीं कामकाजी युवाओं और छात्रों की परेशानी भी बढ़ गई है।
कॉमर्शियल सिलिंडरों के दाम 993 रुपये बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट और फास्ट फूड बेचने वाले व्यापारी काफी चिंतित हैं। उनका मानना है कि गैस सिलिंडर का दाम तीन हजार के पार होने से उत्पादों की लागत बढ़ेगी। इससे कारोबार पर भी असर रहेगा। होटल, रेस्टोरेंट, चाय-नाश्ते और मिष्ठान की दुकानों में कॉमर्शियल सिलिंडरों का इस्तेमाल किया जाता है। इनके दाम में एक ही बार में 993 रुपये का इजाफा होने से उत्पादों पर दुकानदारों की लागत बढ़ेगी। दुकानदारों को आशंका है कि इससे बिक्री प्रभावित होगी और ग्राहकों की संख्या घटेगी। कुछ दुकानदारों ने अभी से उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं। गौरतलब है कि अमेरिका, इस्त्राइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने से के बाद से ही रसोई गैस सिलिंडरों की आपूर्ति प्रभावित हो गई है। करीब दो महीने से लोगों को गैस सिलिंडर के लिए भटकना पड़ रहा है। अब दाम में बढ़ोतरी से व्यापारियों की चिंता और बढ़ गई है।
युवा केवल परीक्षा की चुनौतियों, रोजगार के दौड़-भाग और भविष्य की चिंता से नहीं जूझ रहे बल्कि इनदिनों उन्हें दो वक्त का खाना खाने के लिए भी जूझना पड़ रहा है। रसोई गैस मिलने में हो रही संकट ने घर से दूर रहे युवाओं के खर्चे और परेशानी दोनों बढ़ा दी है। कॉमर्शियल सिलिंडर के दाम 993 और पांच किलो के सिलिंडर के दाम में 261 रुपये बढ़ने के बाद से समस्या और गंभीर होने की आशंका है।
शहर के कई इलाकों में छात्र घर से दूर रहकर पढ़ाई करते हैं। वहीं युवा कामगार भी रोजगार के सिलसिले में घर से दूर रहकर जीवन-यापन करते हैं। गैस सिलिंडर की किल्लत ने उनका सुख-चैन छीन लिया है। पढ़ाई और रोजगार के बीच युवाओं को समय निकालकर रसोई गैस का इंतजाम करना पड़ रहा है। इनदिनों अक्सर युवाओं को गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े देखा जा सकता है। स्थानीय गैस वितरकों के पास स्टॉक की कमी और रिफिलिंग में होने वाली देरी ने इन युवाओं की परेशानी बढ़ा दी है।
इसी तरह की समस्या से जूझ रहे पनियरा निवासी राकेश यादव ने बताया कि पीजी कॉलेज रहकर पढ़ाई करता हूं। कमरे में ही खाना बनाता हूं। खाली सिलिंडर लेकर घंटों लाइन में लगना पड़ता है। अगर समय पर गैस न मिले तो मेस का खाना महंगा पड़ता है। इसके चलते काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं परतावल निवासी आशीष ने बताया कि पीजी कॉलेज में पढ़ता हूं। शहर में ही कमरा लेकर रहता हूं। गैस सिलिंडर न मिलने के बहुत परेशानी हो रही है। कुछ दिन पहले 220 रुपये प्रति किलो की दर से छोटा सीलिंडर भरवाया था। अब कॉमर्शियल सिलिंडर का दाम बढ़ गया है। इससे रिफिलिंग में सिलिंडर के दाम और बढ़ने की आशंका गहरा गई है। यदि ऐसा हुआ तो खर्चा बढ़ जाएगा और यहां पर रहना मुश्किल हो जाएगा।
कामर्शियल गैस का दाम बढ़ने के बावजूद नहीं मिल रहा सिलिंडर
संवाद न्यूज एजेंसी
सिसवा बाजार। कामर्शियल रसोई गैस के दाम बढ़ने के बाद भी रेस्टोरेंट संचालकों को गैस नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते रेस्टोरेंट संचालकों को कोयले और लकड़ी पर खाना और चाय-पकौड़ी बनाना पड़ रहा है। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कस्बे के एक रेस्टोरेंट के संचालक संदीप मोदनवाल का कहना है कि गैस उपलब्ध नहीं होने से दो दिन से ग्राहकों के लिए खाना नहीं बन पा रहा है। भोजन, चाट पकौड़े और साऊथ इंडियन खाने के शौकीन ग्राहकों को वापस लौटना पड़ रहा है, इससे हमें आर्थिक नुकसान हो रहा है। एक तो 1600 रुपये में मिलने वाला कॉमर्शियल सिलिंडर अब दोगुना महंगा (3262 रुपये) हो गया है। इससे रेस्टोरेंट चलाना और मुश्किल होता जा रहा है। यही हाल रहा तो दुकान ही बंद करना पड़ेगा।
यही हाल नगर में संचालित आधा दर्जन छात्रावासों का है। कस्बे के चोखराज तुलस्यान सरस्वती विद्या मंदिर इंटर काॅलेज के छात्रावास में दो सौ बच्चे रजिस्टर्ड हैं उनके भोजन का जिम्मेदारी छात्रावास प्रबंधन पर है। विद्यालय का प्रशासनिक कार्य देखने वाले मनीष पांडेय का कहना है कि बच्चों के भोजन के लिए छात्रावास में प्रति माह 30 कॉमर्शियल सिलिंडर कि आवश्यकता पड़ती है पर अब गैस नहीं उपलब्ध होने से कोयले के चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है।
चाय-समोसे पांच और बिरयानी 10 रुपये महंगी
महराजगंज। गली-कूचों से लेकर बड़े दफ्तरों तक, चाय-समोसे की मांग ज्यादा रहती है। लेकिन कॉमर्शियल सिलिंडर के बढ़े दाम ने इस जोड़ी का गणित बिगाड़ दिया है। कई दुकानदारों ने चाय और समोसे के दाम बढ़ा दिए हैं। जो चाय 10 रुपये में मिल रही थी वह अब कई जगह 15 रुपये की मिल रही है। साथ ही समोसा भी 15 रुपये में बेचा जा रहा है। फरेंदा रोड स्थित रामसंवारे ने बताया कि कॉमर्शियल गैस सिलिंडर इतना महंगा हो गया है कि 10 रुपये में चाय बेचेंगे तो कुछ फायदा नहीं होगा। वहीं सत्तन ने बताया कि अभी तो हमने दाम नहीं बढ़ाया है लेकिन बढ़ाएंगे नहीं तो दिक्कत होगी। कुछ प्राफिट ही नहीं मिलेगा। वहीं मुख्यालय स्थित बिरयानी संचालक नुरुल ने बताया कि पहले बिरयानी 80 रुपये में हाफ प्लेट दिया जाता था। गैस सिलिंडर के दाम बढ़ने के कारण 90 रुपये कर दिया गया है।
स्पीकअप
व्यावसायिक गैस सिलिंडर के दामों में बढ़ोतरी से खाद्य पदार्थ के दामों में बढ़ोतरी होगी। इसका सीधा असर बिक्री पर भी पड़ेगा। अब धंधा भी कम होगा।
-विनोद मद्धेशिया, भैया फरेंदा
मिष्ठान का कारोबार गैस सिलिंडर पर ही निर्भर रहता है। कॉमर्शियल सिलिंडर का दाम बढ़ने से कारोबार काफी हद तक प्रभावित होगा। सामान के दामों पर भी असर पड़ेगा।
-सोहन केशरी, फरेंदा
छोटा गैस सिलिंडर भरवाने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पहले कहीं भी भरा लिया जाता था अब बहुत कम जगहों पर गैस रिफिलिंग की जाती है। पांच किलो वाले सिलिंडर का दाम बढ़ने से दिक्कतें और बढ़ गई हैं।
- बृजेश कुमार, छात्र
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छोटे गैस सिलिंडर पर खाना बनाती हूं। गैस भरवाने में इनदिनों काफी दिक्कत हो रही है। दाम बहुत बढ़ गए हैं। कई जगह दौड़ लगाने के बाद भी नहीं गैस नहीं मिल पा रही है। कई बार तो बाहर से मंगाकर खाना पड़ता है।
-सृष्टि, छात्रा