ठूठीबारी। भारत सरकार की ओर से नदियों के पानी को स्वच्छ रखने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर योजनाएं चलाकर गंगा को निर्मल बनाने का प्रयास किया जा रहा है, तो वहीं पड़ोसी देश नेपाल के नवलपरासी जिला स्थित कल कारखानों शराब की फैक्टरियों का गंदा बदबूदार पानी झरही नदी में छोड़ा जा रहा है। इससे भारतीय क्षेत्र में स्थित मधवलिया रेंज के जंगली पशु-पक्षियों के जीवन पर संकट के बादल मंडराने लगा है। वहीं क्षेत्र के लोगों को संक्रामक रोग फैलने का भय सता रहा है।
पड़ोसी मुल्क के नेपाल नवलपरासी से होकर बहने वाली झरही उर्फ प्यास नदी भारतीय सीमा क्षेत्र के ठूठीबारी स्थित कोतवाली के सटे पश्चिम होकर राजाबारी, भरगाही, लक्ष्मीपुर, डगरुपुर, नवडिहवां, खैरहवांजंगल, दोमुहाने, मल्लाहटोली, लोहार टोला, बकुलडीहा, सुकरहर, सिहाभार आदि दर्जनों गांव से होते हुए सोहगीबरवां वन्य जीव के मधवलियां रेंज में झरही नदी का पानी बहता है। इससे नदी के आसपास गांव के पशु पालकों के पशु एवं जंगली जानवर अपनी प्यास बुझाते हैं, लेकिन कई सालों से इस नदी में नवलपरासी जिले में स्थित शराब की फैक्ट्री के गंदे पानी को बहाया जा रहा है। इससे गंदे बदबूदार पानी से भारतीय क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
निचलौल उप जिलाधिकारी सत्यप्रकाश मिश्रा ने बताया की जल्द ही नेपाल के अधिकारियों से वार्ता कर झरही नदी में शराब के गंदे बदबूदार पानी को नदी में बहने से रोका जाएगा।