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Maharajganj News: डाक्टरों की कमी से जूझ रहा धरमौली सीएचसी, 13 किमी दूर जा रहे मरीज

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डॉक्टरी परीक्षण के लिए पीड़ित परेशान
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मरीजों को 13 किमी दूर जाना पड़ता है निचलौल सीएचसी


ठूठीबारी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धरमौली कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। दर्जनों गांव के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 13 किलोमीटर दूरी निचलौल सीएचसी जाना पड़ता है। ठूठीबारी ग्राम सभा के टोला धरमौली में सरकार की ओर से करोड़ों रुपये खर्च कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया गया है लेकिन कर्मचारियों की कमी की वजह से क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
क्षेत्र के गुड्डू मद्धेशिया, दिनेश भारती, युसूफ अली, रामनरेश गौतम, संतोष गुप्ता, विरेंद्र, झीनक गिरी आदि लोगों ने बताया कि किसुनपुर, रामनगर, सोबडा, बैरीहवां, जीतपुर, धरमौली, सड़कहवां, कालीगंज, शांतिनगर, मरचहवां, ठूठीबारी, आराजी बैरियां आदि गांवों के सैकड़ों मरीज धरमौली सीएचसी में रोजाना आते हैं लेकिन कर्मचारियों की कमी की वजह से बखूबी इलाज नहीं हो पाता है। इलाज की पर्याप्त सुविधा नहीं मिलने कारण कई लोग अब सीएचसी नहीं आते हैं।
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महज एक संविदा डॉक्टर तैनात
स्वास्थ्य केंद्र को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए दो डाॅक्टर, एक हड्डी वाले डाॅक्टर, दो फाॅर्मासिस्ट, एक महिला डाॅक्टर, लैब टेक्नीशियन, महिला व पुरुष वार्ड बाॅय, चौकीदार, गार्ड, स्वीपर की तैनाती होनी चाहिए। लेकिन सीएचसी धरमौली में संविदा पर महज एक डॉक्टर संदीप कुमार, फार्मासिस्ट एसएस वर्मा, एलटी समीर उपाध्याय, महिला वार्ड में आया नाजरीन और स्वीपर उदयभान व लक्ष्मीना की ही तैनाती है।
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सीएचसी में रात में नहीं रहता कोई कर्मी

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धरमौली का प्रभार संभाल रहे निचलौल सीएचसी अधिक उमेश चंद्र ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धरमौली का बाउंड्रीवॉल अधूरा है। यह दक्षिण और उत्तर गांव के तरफ खुला हुआ है। इस वजह से रात में ड्यूटी करने वाले कर्मचारी अपने आप को असुरक्षित महसूस करते हैं। रात्रि निवास नहीं करते हैं। संबंधित लोगों से बार-बार अधूरे बाउंड्री वॉल को पूरा करने के लिए कहा गया लेकिन जस का तस पड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में स्टॉफ की कमी के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
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