आठ किमी सफर में यात्री झेलते असुविधा
हनुमानगढ़ी से बभनौली भिटौली बाईपास मार्ग का हाल
महराजगंज। मुख्य मार्गों पर वाहनों का दबाव कम हो इसके लिए बाईपास मार्ग की व्यवस्था है। लेकिन मुख्यालय से निकले यह बाईपास मार्गों अतिक्रमण होने की वजह से लोगों को परेशानी हो रही है। शीघ्र आवागमन की सहूलियत के लिए बने इन मार्गों पर गलती से निकले तो कब कहां फंस जाएंगे कहा नहीं जा सकता।
गोरखपुर-महराजगंज हाईवे पर वाहनों का लोड घटाने और डायरेक्ट भिटौली होकर कम समय में गोरखपुर निकलने के लिए हनुमान गढ़ी से मार्ग निकलता है। विभिन्न ग्राम पंचायतों से होकर यह आठ किमी लंबा मार्ग बभनौली होते हुए हाईवे पर भिटौली पहुंचाता है। लेकिन इस मार्ग की पटरियों पर बिल्डिंग मैटेरियल विक्रेता कब्जा जमाए हैं।
पटरियों पर खेमपिपरा से ही दोनों तरफ गिट्टी, बालू, मोरंग की खेप जमा है जिसके कारण पटरियों का नामोनिशान समाप्त है। परिणाम स्वरूप सहूलियत के लिए बना यह मार्ग यात्रियों की दुश्वारी बढ़ा रहा है। समस्या सिर्फ पटरियों पर बिल्डिंग मैटेरियल की ही नहीं बल्कि रोड पर ट्रॉली व ट्रक डीसीएम लगाकर लोडिंग-अनलोडिंग से भी है क्योंकि पटरियों के बगल में जब यह वाहन लोडिंग अनलोडिंग करते हैं तो जगह ही नहीं बचती कि ऑटो या ई रिक्शा भी निकल सके। अगर मार्ग पर भवन निर्माण सामग्री उतारी या लोड की जा रही है तो इसके पूरा होने तक राहगीरों को इंतजार करना पड़ता है।
कार्रवाई हो तो मिले निजात
बभनौली के राकेश शर्मा, अजय पटेल, मोनू गुप्ता व रमेश ने बताया कि इस मार्ग पर खेमपिपरा से ही सड़क के दोनों तरफ भवन निर्माण सामग्री दुकान वाले गिरा रखे हैं। जिससे मार्ग पूरी तरह संकरा हो चुका है और आठ किमी सफर में 30 से 35 मिनट लग जाते। खेमपिपरा से आगे पूर्व माध्यमिक स्कूल के बाउंड्री से सटे भारी मात्रा में बालू गिराया गया है। इसकी यात्रा इतनी अधिक की बोझ से चहारदीवारी कभी भी ध्वस्त हो सकती है। दुकानदारों की मनमानी इतनी है कि शिकायत करने पर यह यात्रियों से ही उलझ जाते हैं।
वर्जन
मार्ग के दायरे में आने वाले ग्राम पंचायत सर्किल लेखपालों को निर्देशित किया जाएगा कि विक्रेताओं से पटरियों को खाली कराएं। विक्रेता निर्माण सामग्री निजी जमीन पर भंडारित करें।
-पंकज शाही, तहसीलदार सदर