मंगलपुर चौराहे पर 17 फरवरी की रात हुई मारपीट में घायल मंदीप की सोमवार को हुई थी मौत
रगदही बैकुंठ धाम पर हुआ मंदीप का अंतिम संस्कार, चाचा ने दी मुखाग्नि
परतावल। श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के मंगलपुर चौराहे पर पुरानी रंजिश और कहासुनी के बाद हुए मारपीट में घायल मंदीप की सोमवार देर रात मौत हो गई। मंगलवार को गोरखपुर जिले के गुलहरिया थाना क्षेत्र के बरगदही बैकुंठ धाम पर उसका अंतिम संस्कार किया गया। चाचा रामकृपाल उर्फ खदेरू ने मुखाग्नि दी। परिजनों की मांग है कि आरोपियों को कड़ी सजा मिले। मामले में पूर्व में जानलेवा हमला करने का मुकदमा दर्ज है, जिसे अब हत्या की धारा बदल दिया जाएगा। मामले की विवेचना सीओ सदर कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, 17 फरवरी की रात करीब 9:30 बजे मंदीप अपने दोस्त मोहम्मद वारिश अंसारी के साथ मंगलपुर चौराहे पर मौजूद था। इसी दौरान कबाड़ी की दुकान के पास दूसरे पक्ष के पवन गुप्ता, धनंजय सिंह और आशीष सिंह से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने जातिसूचक गालियां देते हुए दोनों युवकों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
हमले में मंदीप और वारिश गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को तत्काल गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान मंदीप की सोमवार की देर रात मौत हो गई जबकि वारिश का इलाज अभी जारी है। मंदीप की मां इंद्रावती का रो-रोकर बुरा हाल है। दिनभर उसके घर पर ग्रामीणों की भीड़ लगी रही। सबकी आंखें नम थी। पूरे गांव में मातम पसरा रहा। पुलिस ने मृतक की मां इंद्रावती की तहरीर पर तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ, हत्या के प्रयास और एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। घटना के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने तीनों आरोपियों को चिलम चौक क्षेत्र से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन और एक कार बरामद की गई है। शव का अंतिम संस्कार किया जा चुका है। मामले में हत्या की धारा तरमीम करने की प्रक्रिया की जा रही है।