महराजगंज। जिले की बेटियां सिर्फ कबड्डी, खो-खो और ताइक्वांडो में ही नहीं बल्कि बाॅक्सिंग में भी चैंपियन बनने का माद्दा रखती हैं। अपर, क्रास कट, सटीक पंचिंग जैसी शब्दावली बोलती बेटियों का जत्था पंचिंग ग्लोव (दस्ताना) पहने सुबह व शाम जिला स्टेडियम में प्रशिक्षण के लिए जुट रहा है।
जिला स्टेडियम में बाॅक्सिंग की कोचिंग उप क्रीड़ा अधिकारी धर्मेन्द्र देते हैं। सुबह के चार से पांच तक सीनियर वर्ग की छात्राएं बाॅक्सिंग सीखने पहुंचती हैं जो आसपास के निजी व सरकारी स्कूलों में आठवीं व नौवीं की छात्रा हैं। इसी तरह शाम को जूनियर वर्ग की छात्राएं आती हैं जो कक्षा तीन से पांचवीं तक शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। इनकी मेहनत व लगन देखकर कोच धर्मेन्द्र किसी भी व्यस्तता में हो इनके प्रशिक्षण के लिए समय जरूर निकालते हैं।
उनका कहना है कि रूढ़ियों से आगे बढ़कर अगर बेटियां बाॅक्सिंग सीखने में आगे बढ़ रही हैं तो वह सीखाने में पीछे क्यों रहें। बताया कि सीखने में जूनियर छात्राएं काफी रुचि ले रही हैं।
इनमें आस्था, राधिका, मनोरमा, मिष्टी का बाॅक्सिंग के प्रति ललक देखते ही बनती है। इन्हें बाक्सिंग की शब्दावली का भी बेहतर ज्ञान है जिसका प्रयोग वह बाॅक्सिंग करते समय प्रयोग में भी लाती हैं। आने वाले समय में जिले की बेटियां बाॅक्सिंग चैंपियनशिप में भी प्रतिभाग कर दमखम दिखाएंगी।