फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharajganj News: गेहूं की कीमत पर नियंत्रण लगाने के लिए व्यापारियों पर शिकंजा

Tue, 02 Apr 2024 01:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
विज्ञापन
विज्ञापन
निचलौल। भारत-नेपाल की सरहद से लगे थोक गल्ला व्यापारियों और राइस मिलर्स को कृषि उत्पादक मंडी समिति की ओर से एक पत्र जारी हुआ है। पत्र में व्यापारियों से सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेंचने की अपील की गई है। किसानों से यह लोग स्वयं संपर्क कर पहले गेहूं खरीदेंगे, फिर क्रय केंद्रों पर तौल कराएंगे। माना जा रहा है कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी गेंहू का न्यूनतम समर्थन मूल्य के मुताबिक बाजार में गेंहू की कीमत ज्यादा रहेगी। ऐसे में भारत-नेपाल सरहद पर तस्करी की ज्यादा संभावना है।
विज्ञापन


कृषि उत्पादन मंडी समिति नौतनवा की ओर से थोक गल्ला व्यापारी और राइस मिलर्स को 19 मार्च को जारी पत्र में कहा गया है कि 14 मार्च को गेहूं क्रय को लेकर समीक्षा बैठक की गई, जिसमें निर्देश मिला कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में लक्ष्य के मुताबिक गेंहू की खरीद की जाए। क्षेत्र के किसानों से खुद संपर्क कर गेंहू को सरकारी क्रय केंद्रों पर ही बेचें।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मंडी समिति से पत्र मिलने के बाद से ही व्यापारियों और राइस मिलर्स की भी चिंता बढ़ गई है। क्योंकि सीमावर्ती क्षेत्रों में गेहूं की तस्करी के चलते गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य के मुताबिक बाजार में गेहूं की कीमत ज्यादा होती है। वर्तमान में भी गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार के कीमतों में अंतर करीब 150 से 200 रुपये का अंतर है। ऐसे में मंडी समिति की ओर से जारी यह फरमान सीमावर्ती क्षेत्रों के व्यापारियों को काफी चुभ रही है।
विज्ञापन

नौतनवा मंडी सचिव आशीष नायक ने बताया कि किसानों को जागरूक करने के लिए कारोबारियों से कहा गया है जिससे अधिक से अधिक किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर गेंहू का तौल कराएं। इस संबंध में पत्र जारी किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें