महराजगंज। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने में लगी है। साजिश व षड़यत्र के जरिये वोट चोरी की जा रही है। वोट चोरी के आरोपी ज्ञानेश कुमार को जाना होगा।
लोकतंत्र बचाओ सप्ताह के तहत जिला परिषद मार्केट स्थित गांधी आश्रम में पेड़ के नीचे आयोजित संयुक्त प्रेसवार्ता में सुप्रिया श्रीनेत और राष्ट्रीय सचिव अभिषेक दत्त ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। सुप्रिया ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत पूरा विपक्ष इसके विरोध में सड़क पर है। राहुल गांधी को पुलिस के बल पर रोका जाता है और महराजगंज की बेटी होने के नाते उन्हें भी रोका गया तथा उन पर डंडे उठाए गए।
श्रीनेत ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को जाना होगा और मोदी उन्हें बचा नहीं सकते। नितिन नबीन द्वारा राहुल गांधी को अराजकतावादी बताए जाने पर उन्होंने उन्हें “रबर स्टैंप” अध्यक्ष बताते हुए कहा कि जो खुद अपनी सीट हार चुके हैं, उन्हें राहुल गांधी को नसीहत नहीं देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि वोट के अधिकार की बात उठाना अराजकता है तो ऐसी अराजकता होनी चाहिए।
ज्ञानेश कुमार पर लगे आरोपों को लेकर भाजपा की प्रेसवार्ता और एफआइआर की बात पर श्रीनेत ने कहा कि उनके नेता पर पहले ही 45 एफआइआर हैं और लक्ष्य 100 और एफआइआर का हो जाए, तब भी वे वोट के अधिकार के लिए लड़ते रहेंगे।
अभिषेक दत्त ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव की मांग केवल कांग्रेस नहीं, बल्कि एनडीए के कई दल भी कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के कार्यालय का कथित गलत इस्तेमाल कर भाजपा चुनाव जीतना चाहती है। उन्होंने कहा कि दो चुनाव आयुक्तों के विरोध के बावजूद ज्ञानेश कुमार द्वारा निर्णय लिए जाने का आरोप गंभीर है। दोनों नेताओं ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग को लेकर विपक्ष की लड़ाई जारी रहेगी।