महराजगंज। कांग्रेस पार्टी का सता बरकरार रखने के लिए असंवैधानिक तरीकों का इस्तेमाल करने का इतिहास रहा है। जैसा की 1975 के आपातकाल के दौरान देखा गया था। कांग्रेस और उसके सहयोगियों की रणनीति आज भी हमारे लोकतंत्र के लिए उतना ही खतरा है।
उक्त बातें भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष पीएन पाठक ने पार्टी कार्यालय पर गोष्ठी के दौरान कही। आपातकाल की 49वीं बरसी पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लगाने की घोषणा की गई थी। उस समय केंद्र में इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी।
आपातकाल को 21 मार्च 1977 को हटा दिया गया था। कांग्रेस का मतलब आपातकाल, भाजपा का मतलब अमृतकाल। कांग्रेस को तानाशाही में भाजपा को लोकतंत्रशाही में विश्वास है।
सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया ने कहा कि आपातकाल के उन काले दिनों को कभी नहीं भूला जा सकता जब संस्थानों को सुनियोजित तरीके से ध्वस्त कर दिया गया था। देश पर आपातकाल थोपकर कांग्रेस ने विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की हत्या कर दी थी।
जिलाध्यक्ष संजय पांडेय ने कहा कि आपातकाल के दौर में भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद पर बनी फिल्मों किशोर कुमार के गानों महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर के उद्धरणों तक पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इस अवसर पर प्रमुख आनंद शंकर वर्मा, प्रमुख प्रतिनिधि राम हरख गुप्ता, पूर्व प्रमुख अमरेंद्र मणि, कार्यक्रम संयोजक अमित सिंह, अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मंत्री कुर्सेद अंसारी, अजय कुमार श्रीवास्तव ने भी अपने विचार व्यक्त किए। संचालन जिला महामंत्री बबलू यादव ने किया। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष अमरनाथ पटेल, जिला महामंत्री बबलू यादव, जिला मंत्री बैजनाथ पटेल, पूर्व जिला मंत्री प्रदीप उपाध्याय, मंडल अध्यक्ष अरविंद मौर्य, आकाश गुप्ता, आकाश श्रीवास्तव मौजूद रहे।