महराजगंज। दिवाली बृहस्पतिवार को हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी। दिवाली में पटाखों की गूंज शुरू भी नहीं हुई है, लेकिन शहर की हवा खराब हो गई है। वहीं करीब 400 क्विंटल बारूद वाले पटाखों का शोर होगा तो मुश्किल और बढ़ेगी। रही-सही कसर सड़क पर उड़ रहे धूल के गुबार और माैसम के मिजाज ने पूरी कर दी है। पर्यावरणविदों के अनुसार इस बार एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) में बढ़ोतरी होने की आशंका है।
वर्तमान में अभी पटाखों का शोर ज्यादा हुआ भी नहीं की एक्यूआई का स्तर 154 पहुंच गया है। इसे सेहत के लिए ठीक नहीं माना जाता है। सड़कों से उड़ रही धूल और बीच-बीच में आतिशबाजी से मुश्किल बढ़ रही है। इधर निर्माण कार्यों के वजह से उठने वाले धूल के गुबार से भी समस्या हो रही है। बीते साल दिवाली के पहले एक्यूआई 160 पहुंच गया था।
दिवाली से पहले पहले ही शाम को धुएं की परत छा गई है। सुबह-शाम चारों तरफ धुआं ही नजर आता है। इससे सुबह को सांस लेना मुश्किल हो रहा है। बीते सप्ताह की बात करें तो एयर क्वालिटी इंडेक्स 100 के नीचे नहीं आया है। जेएनयूपीजी काॅलेज के भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. दिवाकर सिंह ने बताया कि एक्यूआई का स्तर वर्तमान समय में बढ़ रहा है। आतिशबाजी के बाद अधिक होने की संभावना है। निर्माण कार्यों की वजह से भी यह समस्या बढ़ रही है। े