महराजगंज। मंगलवार को पूरे दिन मसीही समाज के लोग क्रिसमस की तैयारी में जुटे रहे। शाम में नौतनवां, फरेंदा व सिसवा के चर्च में कार्यक्रम शुरू हुए, जो देर रात तक चलते रहे। मसीही समुदाय ने गिरिजाघर के अंदर कैंडल्स जलाकर रोशनी की। रात 12 बजे यीशु के जन्म पर मेरी क्रिसमस से गिरजाघर गूंज उठे। जीसस को याद करते हुए अनुयायियों ने कैरल्स गीत गाए।
इसके बाद चर्च के फादर ने अनुयायियों को संबोधित करते हुए जीसस को मानव जाति का सबसे बड़ा हितैषी बताया। कहा कि जीसस में इतनी करुणा थी कि वह दूसरे की पीड़ा खुद महसूस कर लेते थे। उन्होंने परम पिता की शरण में जाकर दुखों से मुक्ति पाने का मार्ग लोगों को दिखाया। आज भी बाइबिल के जरिए उनकी शिक्षाओं को लोगों तक पहुंचाने की दिशा में कार्य हो रहा है।
क्राइस्ट द किंग चर्च नौतनवा के फादर फादर मैथ्यू के संबोधन के बाद कैरल्स गीत शुरू हुए, जिसमें मसीही समाज के लोगों ने गीत गाकर प्रेयर करते हुए यीशु को धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि यीशु मानव कल्याण के लिए इस धरती पर आए और सभी को मानवता का संदेश देकर वापस लौट गए। मसीही समुदाय के मित्रों व परिचितों ने यीशु के जन्मोत्सव की बधाई भी दी।
इंटनरेट मीडिया पर भी यीशु के जन्मोत्सव की बधाई देने के लिए संदेशों का सिलसिला भी चलता रहा। कई बच्चों ने संता क्लाज की वेषभूषा में अपने वीडियो बनाकर इंटनरेट मीडिया पर शेयर किया। फादर मैथ्यू ने बताया कि मंगलवार की रात साढ़े नौ बजे पूजा कर प्रभु यीशु मसीह के जन्म के अवसर पर विश्व शांति के लिए प्रार्थना हुई। गोशाला में विशेष प्रार्थना और कैरोल गीत हुआ। फादर मैथ्यू ने बताया कि प्रभु यीशु मसीह का जन्म एक गोशाला में हुआ था। पूरे मानव जाति को बचाने के लिए ईश्वर पुत्र होते हुए भी प्रभु यीशु ने एक साधारण इंसान के रूप में जन्म लिया था। क्रिसमस शांति प्रेम और खुशी का त्योहार है।
-
हर्सोल्लास पूर्वक मनाया गया क्रिसमस पर्व
फरेंदा। क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय भगवत नगर परसिया में क्रिसमस पर्व बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया गया। बच्चों ने सांता क्लॉज के मनमोहक वस्त्र धारण कर सुंदर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिए। इस अवसर पर प्रधानाध्यापक अरविंद कुमार गौड़ ने बताया कि क्रिसमस बच्चों को आपस में प्रेम एवं भाईचारे का संदेश देता है। संवाद