- 10 श्रेणियों में आवेदन कर सकती हैं ग्राम पंचायतें
महराजगंज। ग्राम पंचायतों की तस्वीर बदलने के लिए अब प्रधानमंत्री ग्राम पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार की तर्ज पर मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार दिया जाएगा। इसकी खासियत है कि पंचायतें कुल 10 श्रेणियों में अपनी ग्राम पंचायतों के लिए आवेदन कर सकती हैं। किसी एक श्रेणी में चयन के बाद उन्हें 50 लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा जिसका उपयोग गांव के विकास इंतजाम में हो सकेगा।
पंचायती राज विभाग पहले राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर व्यवस्था विकसित करने वाली पंचायतों को प्रोत्साहित कर रहा था, लेकिन अब राज्य स्तर से भी प्रोत्साहन पुरस्कार हासिल किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार योजना के तहत हर जिले से पंचायतों को चुना जाएगा। इससे गांव स्तर पर विकास की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। सूबे में कौन सी ग्राम पंचायत किस क्षेत्र में आगे है इसका आकलन आसानी से होगा। साथ ही साथ प्रधानमंत्री प्रोत्साहन पुरस्कार के आवेदन में ऐसी पंचायतों को ग्राम्य विकास विभाग वरीयता देगा जो प्रदेश की 10 श्रेणियों में से किसी एक में पहले स्थान पर आएंगी।
प्रोत्साहन पुरस्कार में ये क्षेत्र शामिल
मुख्यमंत्री प्रोत्साहन शासन ने कुल 10 श्रेणियां तय की हैं। इसमें गरीबी उन्मूलन, स्वस्थ पंचायत, बाल हितैषी पंचायत, जल पर्याप्त पंचायत, स्वच्छ और हरित पंचायत, आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा, सामाजिक न्याय और सुशासन, महिला हितैषी पंचायत, डिजिटल पंचायत और सतत विकास लक्ष्य के लिए सर्वश्रेष्ठ पंचायत शामिल है। हर श्रेणी में जिला स्तर पर प्रथम आने वाली पंचायत को 12 लाख, मंडल स्तर पर 25 लाख और राज्य स्तर पर प्रथम आने वाली पंचायत को 50 लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा।
जनपद में कवायद तेज
जिले में 12 ब्लॉकों की 882 ग्राम पंचायतें हैं। डीपीआरओ ने सभी एडीओ पंचायत को निर्देश दिया है कि वह हर ब्लॉक से 5-5 उत्कृष्ट पंचायतों का चयन कर आवेदन कराएं। इसके चयन मानक तय हैं। जैसे पंचायत ने कितना टैक्स वसूला, कितने परिवारों को आवास मिला, शौचालय की स्थिति, जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल, पंचायत भवन का डिजिटलीकरण, महिला ग्राम प्रधानों की भागीदारी, न्यून अपराध शामिल हैं।
जनपद स्तर पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया मुख्यमंत्री विशेष प्रोत्साहन पुरस्कार के लिए शुरू हो चुकी है। प्रत्येक पंचायत आवेदन के साथ एक डिजिटल प्रपत्र भी भरेंगी। इस प्रपत्र में दर्ज उत्तर के आधार पर पंचायतों को अंक दिए जाएंगे। अंकों की अधिकता ही जनपद स्तरीय चयन का आधार बनेगी। - श्रेया मिश्रा, डीपीआरओ