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जिला अस्पताल में केमिकल खत्म, शुगर और पीलिया के मरीजों की नहीं हो पा रही जांच

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जिला अस्पताल में केमिकल खत्म, शुगर और पीलिया के मरीजों की नहीं हो पा रही जांच
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एक माह से नहीं हो रही पीलिया की जांच, बाहर से महंगे दाम पर जांच करा रहे जिला अस्पताल के मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। इन दिनों जिला अस्पताल में मरीजों के जांच की व्यवस्था लचर है। क्योंकि जांच के लिए प्रयोग होने वाला जरूरी केमिकल नहीं है। हालत यह है कि पीलिया की जांच होने वाला केमिकल एक माह से जिला अस्पताल में नहीं है। वहीं शुगर की जांच होने वाला केमिकल बीते एक सप्ताह से समाप्त हो गया है। ऐसे में मरीजों और तीमारदारों को काफी परेशानी हो रही है। वह महंगे दाम पर बाहर पैथोलॉजी में जांच कराकर लोग जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए विवश हैं। औसतन प्रत्येक दिन 10 से 20 मरीजों को पीलिया एवं शुगर की जांच बाहर से करानी पड़ती है।
जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल के नवजात शिशु देख भाल इकाई में भर्ती होने वाले बच्चों को जन्म के तुरंत बाद होने वाली बीमारी में पीलिया भी शामिल है। ऐसे लक्षण वाले बच्चे की पीलिया की जांच कराई जाती है। अगर किसी भी मरीज की आंखें पीली हो, यूरिन अगर पीला हो रहा है, या पेट में दर्द है तो ऐसे मरीजों के पीलिया की जांच जरूर कराई जाती है। बताया जा रहा है कि लिवर फंसन टेस्ट कराने के बाद ही पीलिया की बीमारी पकड़ में आती है। वहीं ऑपरेशन से पहले भी शुगर की जांच कराना पड़ता है। फिजिशियन डॉ. एएम भाष्कर ने बताया कि यूरिन बार बार होने, घाव के न सूखने के अलावा कमजोरी होने वाले मरीजों का शुगर जांच कराया जाता है, जिससे मरीजों की बीमारी के बारे में जानकारी मिल सके। आंख पीला होना पेट में दर्द, वाले मरीजों की पीलिया जांच कराई जाती है।
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महेंद्र, राधेश्याम ने बताया कि जिला अस्पताल में अगर जांच हो जाती तो समस्या नहीं होती। बाहर अगर शुगर की जांच कराते हैं तो खाली पेट जांच करने पर भी 50 रुपये व भोजन के बाद जांच पर भी 50 रुपये लगते हैं। इसके अलावा पीलियां की जांच में 200 से 250 रुपये देने पड़ते हैं।
ओपीडी में दो से तीन मरीज रोज आते हैं, जिनकी जांच के लिए सलाह दी जाती है। जांच के बाद जरूरत के अनुसार नवजात शिशु देख जाता है।
डॉ. विशाल चौधरी, बाल रोग विशेषज्ञ
जिला अस्पताल के पैथोलॉजी में आने वाले मरीजों की जरूरी जांच की जाती है, जो केमिकल नहीं है, उसकी डिमांड की गई है। जल्द आने की उम्मीद है।
डॉ. एके राय, सीएचसी
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