सोनौली-काठमांडू मार्ग के बर्दघाट-मुगलिंग के बीच शुक्रवार को हुए भूस्खलन को हटाते हुए यातायात विभाग ने आवागमन शुरू कर दिया। इसके बाद रास्ते में फंसे भारतीय मालवाहक वाहनों को रवाना किया गया। बुटवल-पोखरा हाईवे पर अभी भी 11 स्थानों पर भूस्खलन हुआ है जिससे बुटवल-पोखरा मार्ग अभी एक सप्ताह के लिए बंद रहेगा। सोनौली नारायन घाट से मुंगलिन पोखरा मार्ग भी खुल गया जिससे पर्यटकों और मालवाहक वाहनों को कुछ राहत मिली है। बुटवल पोखरा शेरचन हाईवे भूस्खलन से जलमग्न हो गया है।
बुटवल -पोखरा मार्ग के बीच पड़ने वाले पर्वत जिले के मुख्य जिला अधिकारी देवी पांडेय खत्री ने बताया कि इस समय परबत, बगलुंग, म्यागड़ी और मस्टैंग के लोग हाईवे पार नहीं कर सके। शेरचन हाईवे के पर्वतीय खंड में 11 भूस्खलन हुए हैं और कई रास्ते में भूस्खलन हो रहा है। उन्होंने कहा कि वह जल्द से जल्द हाईवे खोलने की पहल करेंगे। निर्माण व्यवसायियों और अन्य हितधारकों के साथ परामर्श करने में एक सप्ताह तक का समय लग सकता है। काठमांडू मार्ग पर आवागमन सामान्य हो गया है। शुक्रवार रात करीब 345 भारतीय खाली ट्रक को निकाला गया। और काठमांडू जाने वाले वाहनों को अब 24 घंटे लग रहे हैं।
सीमा पर बढ़ सकता है वाहनों का जाम
नेपाल में दशहरा और दीपावली की तैयारी अभी से व्यापारी कर रहे हैं जिससे सीमा पर भारी संख्या में मालवाहक वाहन आ रहे हैं। वहीं, नेपाल की स्थिति कोविड के कारण कुछ बेहतर हो रही है तो उद्योग कल -कारखानों के सामान से लदे वाहन भी भारी संख्या में आ रहे हैं। बाढ़ के कारण सोनौली सीमा पर लंबा जाम लगा हुआ है। भैरहवां के उद्योगपति गोपाल गोयनका ने कहा कि सीमा पर कुछ दिन रात 12 बजे तक दोनों देशों की सीमा खोल कर आयात निर्यात करना चाहिए। पूर्व में भी ऐसा हो चुका है जिससे जाम से मुक्ति मिलेगी। सोनौली कस्टम एजेंट संघ के अध्यक्ष सुरेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि अब मार्ग खुल जाने से सब्जी, कच्चे माल, फल, फूल आदि का व्यापार भी बढ़ेगा।