एक्साइज ड्यूटी वापस लेने की मांग को लेकर स्वर्ण कारोबारियों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। शुक्रवार को मौन जुलूस निकाला। व्यापारियों ने मांगें पूरी होने तक दुकानें बंद रखने का निर्णय लिया।
शुक्रवार को निकाला गया जुलूस हनुमानगढ़ी, मऊपाकड़, फरेंदा रोड होते हुए सक्सेना चौक पहुंचा। जहां सभा के बाद मौन जुलूस खत्म किया गया। बाद में सर्राफा व्यवसायी सर्राफा धर्मशाला में जुटे। एक्साइज ड्यूटी हटाने की मांगों पर चर्चा की गई। व्यवसायियों ने यह निर्णय लिया कि जब तक सरकार मांगों को पूरा नहीं करेगी तब तक सर्राफा व्यवसाय बंद रहेंगे।दिलीप कुमार वर्मा, शिव वर्मा, विजय सोनी, गणेश कुमार वर्मा, बिन्दु प्रसाद, सुजीत कुमार वर्मा, रमेश प्रसाद वर्मा, राजेन्द्र वर्मा, अच्छे लाल आदि शामिल रहे।
फरेंदा प्रतिनिधि के मुताबिक स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष रितेश सर्राफ, आनंदजी वर्मा के नेतृत्व में मौन जूलूस निकाला गया। फरेंदा दुर्गा मंदिर से शुरू अंबेडकर तिराहा, मिलगेट, शनिचरी बाजार होते हुए कस्बे का भ्रमण किया। व्यापारी मुंह पर काली पट्टी बांधे थे। व्यापारी हाथों में नारे लिखे स्लोगन की तख्तियां लिए थे। जूलूस के बाद बैठक की। संघ अध्यक्ष रितेश सर्राफ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी मेक इन इंडिया को बढ़ावा दे रहे हैं वहीं केन्द्रीय वित्त मंत्री स्वर्ण व्यापारियों के सपनों को तोड़ रहे हैं। मंत्री कृष्ण कुमार वर्मा, आनंदजी वर्मा ने कहा कि जब तक सरकार एक्साइज ड्यूटी को वापस नहीं लेती तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। मनीष सर्राफ, गिरीराज सर्राफ, राजेश वर्मा, विजय वर्मा, विशाल वर्मा, राकेश वर्मा ने विचार रखे। हर्षवर्धन वर्मा, अजय वर्मा, सुरेश वर्मा, जोखन प्रसाद सर्राफ, ध्रुव वर्मा, विनोद वर्मा, विमल वर्मा आदि लोग रहे।