महराजगंज। नेपाल में खाद का काला कारोबार चल रहा है। तस्कर नेपाल में अस्थायी गोदाम तक खाद पहुंचाते हैं। मौका मिलते ही महंगे दाम पर बेंच देते हैं। यह काला कारोबार नेपाल का एक तस्कर संभालता है, लेकिन मुनाफे में सबकी हिस्सेदारी बराबर होती है। बाॅर्डर से सटे नेपाल में तस्करों ने कई जगह पर अस्थायी गोदाम बना रखे हैं। 266.50 रुपये की यूरिया सीमा पार 800 रुपये मूल्य पर बेची जा रही है। डीएपी 1350 रुपये भारत में नेपाल जाते ही 1500 से 2200 रुपये रेट हो जा रही है। सीमा से सटे पिपरा-अशोगवां, कनरी-चकरार, रेहरा-अहिरौली, श्यामकाट के जसवल से धड़ल्ले से तस्करी हो रही है।
सूत्रों की माने तो नेपाल के करमहवा, मर्यादपुर, नौड़िहवा, गोनहा, बेथरी, बैरघाट, रायपुर, अमवा, मकरी, दुर्गवलिया, शिवपुर, बरेवा, आमा, परसा, हाटी बनगाई, भैरहवा, छपिया, धकधई, पिपरहिया आदि गांवों में तस्कर भारतीय खाद पहुंचाते हैं। भारत नेपाल सीमा से सटे सोनौली कस्बा, दो नंबर गली, शेख फरेंदा, तिलहवा, सुंडी, खनुआ, भगवानपुर, श्यामकाट, अशोगवा, कनरी-चकरार, झिगटी, शिवतरी, पहाड़ी टोला, रेहरा-अहिरौली, पैसियां नाकों से खाद की तस्करी होती है। इस पर रोकथाम के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती है, लेकिन मौका देखकर तस्कर अपना काम कर लेते हैं।
क्षेत्र में उर्वरक तस्करी से भारी मुनाफा होने के कारण खाद का अवैध कारोबार बदस्तूर जारी है। सूत्रों की माने तो तस्कर कैरियरों के माध्यम से एक से दो बोरा दिन भर धीरे-धीरे मंगाते हैं। नेपाल में स्टाक होने के बाद मांग के हिसाब से रेट तय होता है। मांग बढ़ने पर रेट बढ़ा दिया जाता है। खास बात यह है कि खाद की बोरी नेपाल में जितनी दूर जाएगी, उसका रेट भी उसी हिसाब से बढ़ता जाएगा। नो मेंस लैंड से थोड़ी दूरी पर नेपाली नागरिकों का खेत है। कभी कभार अगर कोई सुरक्षा कर्मी रोकता है तो उसे निजी काम के लिए ले जाने की बात कर कैरियर चले जाते हैं। पगडंडियों के रास्ते कैरियर हमेशा जाते हैं। सीमावर्ती क्षेत्र में खाद की बरामदगी भी अक्सर होती रहती है। बीते एक माह में कई बार सुरक्षा कर्मियों ने खाद समेत अन्य सामाग्री बरामद की है।
खतौनी नहीं आधार देने पर मिलती है खाद
जानकारों का कहना कि खाद की तस्करी इसलिए नहीं रुक पाती है कि विभाग के नियम में ही झोल है। ई-पॉप मशीन से खाद खरीदने का नियम लागू किया गया है। कोई भी व्यक्ति आधार कार्ड से अंगूठा लगाए तो उसे खाद दे दी जाती है। खाद किसे जरूरत है और कितने की जरूरत है, यह तय होता है खतौनी से, जिसकी मांग ही नहीं की जा रही है। सिर्फ आधार नंबर और किसान बताने वाले का नाम और गांव रजिस्टर में दर्ज कर लिया जाता है। तस्कर इसी का लाभ उठाते हैं। इन नियमों में झोल के कारण तस्कर एक दिन में सैकड़ों बोरी तक खाद खरीद कर लेते हैं। इसके बाद कैरियर के माध्यम से बाॅर्डर पार पहुंचा देते हैं।
ये हैं निजी लाइसेंसी खाद की दुकानें
नौतनवा तहसील क्षेत्र के करमहवा, सीहाभार, नौडिहवा, जिगिना, जमुहानी, गंगापुर, रमगढ़वा आदि स्थानों पर खाद की निजी लाइसेंसी दुकानें हैं। इनसे भी खाद आसानी से मिल जाती है।
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आठ बोरी यूरिया और चार बोरी धान बरामद
खनुआ। सोनौली कोतवाली क्षेत्र के श्यामकाट के पास पुलिस ने बृहस्पतिवार को गश्त के दौरान यूरिया खाद व धान बरामद किया। बाद में अग्रिम कार्रवाई के लिए नौतनवा कस्टम को सौंप दिया। सोनौली थानाध्यक्ष अभिषेक ने बताया कि पुलिस थाना क्षेत्र के श्यामकाट के पास गश्त कर रही थी तभी सूचना मिली कि सीमा के पास कुछ लोग खाद व धान नेपाल पहुंचाने की फिराक में है। मौके पर पुलिस पहुंची तो तस्कर सामान छोड़कर भाग गए। आठ बोरी यूरिया और चार बोरी धान बरामद हुआ। संवाद
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दो अलग-अलग बीओपी से तस्करी का सामान बरामद
महराजगंज। सशस्त्र सीमा बल 66वीं वाहिनी के बीओपी हरदीडाली, खनुआ से तस्करी की चीनी, कपड़ा, बाइक, साइकिल के साथ आरोपी को गिरफ्तार कर नौतनवा कस्टम को सौंप दिया है। सशस्त्र सीमा बल हरदीडाली के उपनिरीक्षक अंकुर बडोनी ने बताया कि बीओपी हरदीडाली के जवान बृहस्पतिवार को गश्त पर निकले थे। अभी कैथवलिया उर्फ बरगदही गांव के मुर्गी फार्म के पास पहुंचे ही थे कि तभी भारतीय सीमा क्षेत्र की तरफ से एक बाइक पर एक युवक कपड़ा लेकर नेपाल जाने की फिराक में था। जवानों को देखते ही तस्कर सामान छोड़कर नेपाल सीमा में प्रवेश कर गया। सामानों की तलाशी लेने पर 120 पीस इनर, छह पीस लेडिज स्वेटर, 157 पीस जैकेट हुंडी, लेडिज उलेन शूट 12 पीस सहित दो बंडल कपड़ा और एक बाइक बरामद हुई। खनुआ बीओपी के जवानों ने चीनी छह बोरी, साइकिल तीन बरामद कर कस्टम को सौंप दिया। संवाद