सरकारी से ज्यादा निजी अस्पतालों पर बढ़ा भरोसा
महराजगंज। जनपद में आयुष्मान योजना के तहत लाभ लेने वाले लाभार्थियों का भरोसा निजी अस्पतालों पर बढ़ा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 753 लोगों ने इलाज सरकारी अस्पताल में कराया। वहीं, 3,289 लोगों ने निजी अस्पतालों में इलाज कराया। योजना के तहत इलाज कराने के लिए लोगों ने ज्यादातर निजी अस्पतालों की ओर रुख किया है।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2018 से अब तक आयुष्मान योजना के तहत 7,819 लोगों ने इलाज कराया है। इनमें जनपद के अंदर अस्पतालों में इलाज कराने वालों की संख्या 4042 है। जबकि जिले से बाहर के अस्पतालों में इलाज कराने वालों की संख्या 3777 है। आंकड़ों के अनुसार जिले के लोगों को योजना के तहत इलाज कराने में जिले के अंदर ही अस्पतालों पर भरोसा ज्यादा रहा है। वहीं, दूसरी ओर सरकारी से ज्यादा निजी अस्पताल में लोगों ने इलाज कराया। योजना के लाभार्थी रमेश यादव, संगीता देवी, दुलारे प्रसाद ने बताया कि निजी अस्पतालों में सुविधाएं बेहतर हैं। यही कारण है कि ज्यादातर लोग निजी अस्पताल का रुख करते हैं।
आयुष्मान योजना के तहत नौ निजी अस्पताल चयनित हैं जिसमें सर्वाधिक 1541 मरीजों का इलाज हुआ है। एक निजी अस्पताल तो ऐसा है, जिसमें योजना के तहत किसी मरीज का इलाज ही नहीं हुआ है। सरकारी अस्पतालों में सीएचसी परतावल में 124, पनियरा में 58, घुघली 9, फरेंदा 65, धानी 27, सदर 33, जिला अस्पताल 293, सिसवां 7, बृजमनगंज 6, मिठौरा 4, लक्ष्मीपुर 39, निचलौल 30, रतनपुर सीएचसी में 65 लोगों का इलाज हुआ है।
योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को बेहतर सुविधा मिल रही है। सरकारी अस्पतालों में भी मरीज इलाज कर रहे हैं। निजी अस्पताल भी पैनल में शामिल हैं। सुविधा के अनुसार लाभार्थी किसी भी चयनित अस्पताल में इलाज करा सकता है। आयुष्मान भारत योजना में लोगों के लिए बेहतर साबित हो रही है।
डॉ. आईए अंसारी, उप मुख्य चिकित्साधिकारी