निचलौल। नारायणी (गंडक) नदी के नारायणी छितौनी बांध पर इन दिनों सिंचाई विभाग की ओर से तीन करोड़ रुपये खर्च कर सीसी ब्लॉक का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें विभाग के जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते मनमानी हो रही है। ऐसे में बंधे से सटे ग्रामीणों में आक्रोश है।
ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से निर्माण की गुणवत्ता जांच करने की मांग की। बांध से सटे गांव के रघुनाथ, श्यामदेव, राजेश, लक्ष्मण, अभिषेक आदि ने बताया कि नेपाल से निकलने वाली नारायणी नदी हर वर्ष बरसात के मौसम में भारतीय क्षेत्र में तबाही मचाती है। ऐसे में भूमि कटान और वन संपदाओं को सुरक्षित रखने के लिए नारायणी छितौनी बांध के ठोकर नंबर एक पर सिंचाई विभाग की ओर से तीन करोड़ रुपये खर्चकर इन दिनों सीसी ब्लॉक और ठोकर को उच्चीकरण का निर्माण कराया जा रहा है।
निर्माण शुरू होने से उन लोगों को लगा कि इस बार नदी से सटे कृषि भूमि की कटान पर अंकुश लग जाएगा। लेकिन जिम्मेदारों की ओर से ब्लॉक निर्माण की खानापूर्ति करते हुए मनमानी की जा रही है। क्योंकि, ब्लॉक निर्माण में गिट्टी, बालू से लेकर कई सामाग्री दोयम दर्जे की लगाई जा रही है।