-करीब 800 एकड़ जली अबतक फसल, 200 ने किया आवेदन, बीते वर्ष 450 किसानों को मिला योजना का लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। खेत में खड़ी फसल, खलिहान में मड़ाई को रखी फसल, उपज के साथ ही अवशेष अंश किसी अग्नि दुर्घटना में जलने से अन्नदाताओं को नुकसान उठाना पड़ता है, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। मंडी परिषद की ओर से मंडी समितियों के माध्यम से संचालित मुख्यमंत्री खेत खलिहान अग्निकांड दुर्घटना सहायता योजना से किसानों को सहारा मिल रही है। योजना के तहत पिछले वर्ष मार्च-अप्रैल में 450 किसानों को वित्तीय सहायता मिली। इस वर्ष लाभ के लिए अबतक 200 किसान आवेदन कर चुके हैं जबकि 800 एकड़ फसल जलने से 250 किसानों को नुकसान हुआ है।
प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में अग्निकांड से प्रभावित किसान 90 दिन में आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रभावित किसान ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर अब घर बैठे भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कल्याणकारी योजना के तहत किसानों को एक हेक्टेयर अर्थात 2.5 एकड़ तक क्षति होने पर अधिकतम 30 हजार क्षतिपूर्ति दी जाएगी। अधिकतम पांच एकड़ तक 40 हजार रुपया और पांच एकड़ से अधिक होने पर 50 हजार रुपया अथवा वास्तविक आकलन के अनुसार क्षतिपूर्ति प्रदान की जाएगी।
एडीएम डाॅ. पंकज वर्मा ने बताया कि योजना को अधिक उपयोगी व पारदर्शी बनाने की कवायद की गई है। प्रभावित किसान निर्धारित प्रारुप पर रिपोर्ट 90 दिन के अंदर मंडी समिति के सचिव अथवा एसडीएम को देना होगा। विशेष परिस्थितियों में अनुमति से 90 दिन अतिरिक्त समय सीमा बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि अग्नि दुर्घटना का तात्पर्य वाह्य कारणों से अग्निकांड हुआ हो, अथवा प्राकृतिक बिजली गिरने से आग लगी हो। किसी सार्वजनिक दंगा अथवा सार्वजनिक प्राधिकरण के आदेश पर फसल अथवा उपज आदि जलाई गई हो या स्वयं किसी कृषक के द्वारा दुर्भावना से जलाने पर लाभ नहीं मिलेगा। विधिवत जांच के बाद एसडीएम द्वारा चेक से मुआवजा का भुगतान किया जाएगा। इस बार आवेदन करने वाले 200 किसानों के प्रपत्रों की जांच हो रही है जिसके बाद उन्हें लाभ दिया जाएगा।