वर्षों से अस्पताल में धूल फांक रही अल्ट्रासाउंड मशीन
महराजगंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौतनवां में स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल हैं। यहां सस्ते इलाज के चक्कर में आने वाले मरीज महंगे इलाज में फंस जाते हैं। यहां पर अल्ट्रासाउंड मशीन छह साल पहले ही खरीद ली गईं, लेकिन रेडियोलाजिस्ट्स की तैनाती न होने से अब यह मशीन एक कमरे में धूल फांक रही है। मरीजों को निजी सेंटरों पर रकम खर्च करके जांच करानी पड़ती है।
अल्ट्रासाउंड मशीन लगने के दो वर्ष तक डॉ. रंजन सिंह ने उसे संचालित किया, लेकिन उनका स्थानांतरण होने के बाद से मशीन बंद पड़ी है। अस्पताल पर प्रतिदिन 50 से 60 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में प्रसव भी कराया जाता है। ऐसे में प्रसूताओं को अल्ट्रासाउंड कराने में परेशानीं झेलनी पड़ती है। अस्पताल में सप्ताह में 25 से 30 मरीज अल्ट्रासाउंड कराने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें निराश वापस लौटना पड़ता है। विवश होकर मरीज अल्ट्रासाउंड कराने के लिए गोरखपुर और नेपाल के निजी सेंटरों की ओर रुख करते हैं। जिसमें उन्हें 600 से 700 रुपए तक खर्च कर अपनी जेब ढीली करनी पड़ती है।
गर्भावस्था में चिकित्सकों की सलाह पर समय-समय पर अल्ट्रासाउंड कराया जाना था। सीएचसी पर मशीन न संचालित होने के कारण नेपाल जाकर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ता था।
स्वाति पोद्दार
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नौतनवां सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड मशीन बंद होने के कारण परेशानी होती है। गर्भावस्था में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए गोरखपुर और नेपाल में जाकर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ा। यदि यहां यह व्यवस्था सुचारू होती तो धन और समय दोनों की बचत होती।
अनुप्रीत कौर
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पेट में पथरी की समस्या थी। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा गया, लेकिन यहां पर व्यवस्था नहीं थी। पहले तो गोरखपुर जाने की सोची लेकिन गोरखपुर की दूरी अधिक होने के कारण नेपाल के भैरहवां में जाकर अल्ट्रासाउंड कराया।
कुसुम जायसवाल
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समस्या का समाधान कराने के लिए जल्दी ही कोई व्यवस्था की जाएगी। वर्तमान में उपलब्ध संसाधनों एवं व्यवस्था के अनुसार लोगों को बेहतर ढंग से स्वास्थ्य सुविधा देने का प्रयास जारी है।
डॉ. एके श्रीवास्तव, सीएमओ