प्रोजेक्ट पहचान को लेकर जिले के पांच प्रखंडों की एएनएम के साथ हुई बैठक
प्रोजेक्ट पहचान एक महत्वपूर्ण अभियान है: सीडीओ
महराजगंज। मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रोजेक्ट पहचान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बैठक की गई। इस दौरान निचलौल, मिठौरा, सिसवा, सदर, परतावल और पनियरा विकासखंडों की एएनएम शामिल रहीं।
बैठक में 0 से 06 वर्ष आयु के बच्चों में दिव्यांगता, विकासात्मक बाधाओं एवं अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की समयबद्ध पहचान तथा उपचार एवं पुनर्वास से जोड़ने के लिए ग्राउंड लेवल सर्वे को और प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि प्रोजेक्ट पहचान बेहद महत्वाकांक्षी अभियान है।
इसका उद्देश्य ऐसे बच्चों की प्रारंभिक अवस्था में पहचान करना है, जिनमें दिव्यांगता, विकासात्मक विलंब अथवा ऐसी स्वास्थ्य संबंधी समस्या के लक्षण है। जिनका समय पर उपचार न मिलने पर उनके विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक स्तर पर पहचान और उचित हस्तक्षेप से बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा एवं भविष्य की संभावनाओं को मजबूत किया जा सकता है।
उन्होंने एएनएम को अभियान की महत्वपूर्ण फील्ड कड़ी बताते हुए निर्देश दिया कि घर-घर एवं स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान बच्चों की जांच में विशेष सतर्कता बरती जाए तथा संभावित मामलों को किसी भी स्थिति में चिन्हित होने से न छूटने दिया जाए। बच्चों की पहचान के दौरान अभिभावकों से संवेदनशीलता के साथ संवाद करते हुए आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि अभियान केवल बच्चों की पहचान तक सीमित न रहे, बल्कि चिन्हित बच्चों को आवश्यक उपचार, पुनर्वास, पोषण, शिक्षा एवं पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि चिन्हित बच्चों की प्रगति की नियमित निगरानी की जाए तथा आवश्यकता के अनुसार उन्हें विशेषज्ञ सेवाओं एवं अन्य विभागीय सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। बैठक में सीएमओ डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, जिला विकास अधिकारी भोलानाथ कन्नौजिया आदि मौजूद रहे।
घर पर डिटर्जेंट-डिशवॉश बनाने को दिया गया प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। शुक्रवार को विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर काव्या चैरिटेबल ट्रस्ट के योगेंद्र चौधरी ने परतावल, मिठौरा, निचलौल, सदर, घुघली व सिसवा ब्लॉक के सीएलएफ के पदाधिकारी को घर पर ही स्वच्छता किट उत्पाद बनाने का गुर सिखाया गया। इस मौके पर डिटर्जेंट पाउडर, लिक्विड डिटर्जेंट, डिशवॉश जेल, फिनायल कंसन्ट्रेट, टायलेट क्लीनर, बाथरूम क्लीनर, नहाने का साबुन व हैंडवॉश बनाने की ट्रेनिंग दी गई।