कोठीभार थानाक्षेत्र के बसडीला में लूट की घटना की सूचना देने वाला माइक्रो फाइनेंस कंपनी का एजेंट अविनाश अपने ही बुने जाल में फंस गया। उसकी नियत समूह की महिलाओं से जमा कराई गई रकम हड़पने की थी, लेकिन वह अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाया। पुलिस ने कुछ ही घंटे में आरोपी की योजना पर पानी फेर दिया।
नंदाभार निवासी माइक्रो फाइनेंस कंपनी का एजेंट अविनाश गुप्ता कुइयां गांव से कलेक्शन का पैसा लेकर बंदी ढाले की तरफ जा रहा था। उसने लूट की योजना पहले से ही बना रखी थी। बसडीला गांव के पास पहुंचकर उसने अपने कंपनी के मैनेजर और डायल 112 पर फोनकर लूट होने की सूचना दी। सूचना पर कोठीभार थाने की पुलिस हरकत में आ गई और कुछ ही देर में घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने घटना का पर्दाफाश करने के लिए कोठीभार पुलिस के साथ एसओजी, स्वाट व सर्विलांस टीम को लगाया दिया।
पुलिस की पूछताछ में अविनाश बार-बार अपना बयान बदल रहा था, जिससे वह संदेह के घेरे में आ गया। घटना का खुलासा करते हुए एसपी सोमेंद्र मीणा ने बताया कि अविनाश गुप्ता ने लूट की घटना का समय 11.15 बजे बताया था। घटना स्थल के आस-पास चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। 11:5 बजे अविनाश गुप्ता बसडिला के समीम एक खाद भंडार की दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे में अकेले घटनास्थल की तरफ से बंदी ढाला की तरफ जाते हुए दिखाई दिया।
11:14 बजे पुन: बंदी ढाला से वापस घटनास्थल की तरफ जाते दिखा। उसी समय एक बाइक अविनाश गुप्ता के पीछे दिखाई दी। इससे यह स्पष्ट हो गया की उसके साथ लूट की घटना नहीं हुई है। पूछताछ में उसने स्वीकार भी कर लिया कि उसने ही रकम हड़पने के लिए लूट की योजना बनाई थी। आरोपी के मैनेजर ऋषिकेश मिश्रा की तहरीर पर कोठीभार थाने में अविनाश गुप्ता, उसके मित्र प्रियांशु शर्मा व राहुल चौधरी के खिलाफ केस दर्ज कर तीनों को जेल भेज दिया गया।