महराजगंज। शहर से लेकर गांव की दलित बस्तियों तक गोपनीय ढंग से प्रार्थना सभाएं कराए जाने की चर्चा है। इसमें पूरा नेटवर्क काम कर रहा है।
नेटवर्क से जुड़े लोग छोटी-छोटी जगह पर प्रार्थना सभा कर धर्म परिवर्तन का प्रयास करते रहते हैं। इससे पहले भी निचलौल क्षेत्र के कोहड़वल, रेंगहिया, मदनपुरा, बैठवलिया, करमहिया आदि जगहों पर प्रार्थना सभा का मामला सामने आ चुका है।
सूत्रों के मुताबिक प्रार्थना सभाओं में शामिल होने वाले लोगों को धन और अन्य सुविधाओं का प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराया जाता है। शहर से लेकर गांव तक दलित बस्तियों में काफी तेजी से यह काम चल रहा है। यहां लोगों को बहला-फुसलाकर बुलाया जाता है।
सीमावर्ती और मुसहर गांवों में लालच देकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जाता है। निचलौल क्षेत्र के पिपराकाजी, बोदना, रेंगहिया, डोमा, मनिकापुर, बकुलडिहा सहित कई गांवों में 10 हजार से अधिक लोग हर रविवार व मंगलवार को प्रार्थना के लिए जुटते हैं।
बीते साल की बात करें तो नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र में भारतीय क्षेत्र के लोग प्रार्थना सभा में गए थे तो नेपाल में हंगामा हुआ था। इसी तरह से एक बार सिसवा क्षेत्र में भी हंगामा गुजरे वक्त में हो चुका है।