महराजगंज। लखनऊ की एक संस्था में सुपरवाइजर, कर्मी, बाबू समेत अन्य पदों पर नौकरी देने का झांसा देकर 200 बेरोजगारों से 50 लाख की ठगी कर ली गई। न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने शनिवार को आरोपी विजयशंकर निवासी ग्राम सोहट थाना कोठीभार व राघवेंद्र प्रताप सिंह पर केस दर्ज किया।
न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के कोर्ट में दाखिल वाद में पीड़ित धीरेंद्र कुमार ने पूरी कहानी बयां की। सदर कोतवाली क्षेत्र के रम्हौली गांव के धीरेंद्र कुमार ने बताया कि सोहट गांव के विजय शंकर व उसके सहयोगी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने लखनऊ की एक संस्था में सुपरवाइजर पद पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया। अक्तूबर 2024 में उसने बातचीत कर नौकरी दिलाने की बात कही।
उसकी बातों पर भरोसा हो गया। वह अन्य लोगों के लिए जगह होने की बात कही। अपने शुभंचितकों व रिश्तेदारी में बेरोजगार युवकों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद शचींद्र निवासी मौलागंज थाना पनियरा, फारूक अहमद ग्राम परसा पांडेय थाना पुरंदरपुर, रविंद्र कुमार, पूनम मौर्या ग्राम जगपुर उर्फ सलामतगढ़, थाना चौक, प्रियंका ग्राम नंदाभार थाना चौक, विनोद कुमार ग्राम ठोठरी थाना लोटन जिला सिद्वार्थनगर, रामवृक्ष प्रसाद ग्राम सपई थाना लोटन जिला सिद्वार्थनगर, सुनील ग्राम हरिबंशपुर थाना लोटन जिला सिद्वार्थनगर, अखिलेश पुत्र रामनरायन ग्राम ठोठरी थाना लोटन जिला सिद्वार्थनगर, सालिनी, रागिनी निवासी ग्राम केवलापुर थाना चौक, शीतल गौड निवासी ग्राम बरगदवा राजा थाना चौक से मुलाकात कराया।
ज्वाइनिंग लेटर के नाम पर प्रत्येक व्यक्ति से 20 से 30 हजार रुपये लिया गया। इन लोगों के अलावा 200 से 300 बेरोजगार युवक इनकी जाल में फंसकर रकम देने के बाद इधर-उधर भटकने को विवश हैं। करीब 20 नवंबर 2024 तक सभी लोगों को एक कार्यालय में काम कराया जाता था। एक लेटर पैड पर नियुक्ति लेटर दिया गया था।
दिसंबर 2025 में सभी युवाओं ने वेतन मांगना शुरू किया तो इसका असली चेहरा सामने आ गया। करीब 50 लाख रुपये से ऊपर की वसूली गई थी। अधिक दबाव बनने पर किसी को 20 हजार तो किसी को 15 हजार वेतन देकर आश्वासन दिया गया कि सभी को तनख्वाह समय से दी जाएगी। इसी तरह से आरोपी काम कराते थे। किसी को समय से रकम नहीं मिलती थी। जब ऐसे होने लगा तो पूरी कहानी सामने आ गई।
कोई भी युवा अपने घर रकम नहीं भेज पा रहा था। सभी आर्थिक तंगी के शिकार हो गए। एक एकाउंटेंट के खाते में रकम भेजी गई थी। इसका स्क्रिन शॉट उपलब्ध है। इसी तरह से 13 जनवरी 2025 को रकम मांगने के दौरान आरोपियों ने मारपीट करने के साथ ही जानमाल की धमकी देते हुए सभी को भगा दिया।
कार्यालय में किसी को आने नहीं दिया गया। मामले में पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं होने पर अप्रैल माह में न्यायालय में वाद दाखिल किया। इसके बाद मामले में केस दर्ज करने का आदेश हुआ तो कोतवाली पुलिस ने 19 जुलाई को आरोपी विजयशंकर निवासी ग्राम सोहट थाना कोठीभार, राघवेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया।
प्रति व्यक्ति 1500 रुपये वसूला था : पीड़ित शचींद्र के मुताबिक, आरोपी ब्लॉक स्तर, ग्राम पंचायत स्तर और वार्ड स्तर पर सुपरवाइजर के पदों पर नियुक्ति का झांसा देता था। इसके लिए उसने करीब 250 लोगों से रजिस्ट्रेशन और फॉर्म भरने के नाम पर प्रति व्यक्ति 1500 रुपये वसूल किया था। विजय शंकर ने लोगों को छह महीने तक काम करने के लिए कहा, लेकिन जब मानदेय का भुगतान नहीं हुआ तो लोगों ने दबाव बनाया। इसके बाद उसने अपना मोबाइल बंद कर लिया और संपर्क से बाहर हो गया।