महराजगंज। जिले की सभी तहसीलों में खारिज-दाखिल की 5000 फाइलें लंबित हैं। इसमें ज्यादातर नियम कानून के पेच में उलझी हैं। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। ज्यादातर फाइलें विवादित हैं। इसमें न्यायिक प्रक्रिया के तहत फाइल विचाराधीन हैं।
नौतनवा तहसील में तीन साल से करीब 1300 विवादित खारिज-दाखिल से जुड़े मामले लंबित हैं। रीना निवासी हनुमानगढ़िया का 2023 से मामला न्यायालय में विचाराधीन है। ध्रुप नारायण निवासी बेलवा बुजुर्ग का मामला 2023 से न्यायालय में विचाराधीन है। देवेंद्र यादव निवासी कस्बा नौतनवा का मामला वर्ष 2024 से न्यायालय में विचाराधीन है।
क्षेत्र के प्रेम नरायन दूबे निवासी फत्तेपुर करीब सात वर्ष पहले नौतनवा के परसौनी खुर्द मुहल्ले में लगभग ढाई डिस्मिल भूमि बैनामा लिए थे, लेकिन तीसरे व्यक्ति के आपत्ति लगने के कारण खारिज-दाखिल नहीं हो पाया। अरुणा पाठक निवासी परसा पांडेय ने बताया कि दो साल पहले नौतनवा कस्बे में बैनामा ली थी। दो वर्ष हो गया, लेकिन अभी तक खारिज-दाखिल नहीं हो पाया। फरेंदा तहसील के बृजमनगंज क्षेत्र के जहीर ने बताया कि करीब तीन वर्ष पूर्व बैनामा जमीन लिए थे, लेकिन अभी तक खारिज-दाखिल नहीं हुआ। कई बार तहसील का चक्कर लगाया तो पता चला कि आपत्ति के कारण खारिज-दाखिल नहीं हो पा रहा है।
धानी क्षेत्र के बेलसड़ निवासी ज्ञानमती ने बताया कि करीब छह माह पहले जमीन बैनामा लिया था। जिसका खारिज-दाखिल अभी तक नहीं हो पाया। निचलौल तहसील में अब तक खारिज-दाखिल की कुल 55805 फाइल दाखिल हुआ है। इसमें से 54361 फाइल का निस्तारण हो चुका है, जबकि 1444 फाइल अवशेष है। वहीं समय सीमा के अंदर 1242 फाइल हैं, जबकि 202 फाइल दो से लेकर तीन माह तक के अंदर की पेडिंग है। यह आकंड़े न्यायिक तहसीलदार सिसवा और निचलौल न्यायिक नायब तहसीलदार सिसवा और निचलौल के हैं।
तहसीलदार, फरेंदा वशिष्ठ वर्मा ने बताया कि फरेंदा तहसील में खारिज-दाखिल के करीब 800 से अधिक मामले अभी लंबित हैं, जो करीब तीन वर्ष के अंदर के मामले हैं। इसके निस्तारण करने के लिए अधिकारी लगातार प्रयास कर रहे हैं।