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Maharajganj News: महिला के खाते से धोखे से निकाल लिए 20 लाख रुपये, मांगने पर बेटे को पीटा

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न्यायालय के आदेश पर आरोपी कृपाशंकर योगी, उसके पिता उमाशंकर और मां विमला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

महिला ने पैतृक जमीन बेचकर खाते में जमा किए थे रुपये, आरोपी ने धोखे से अंगूठा लगवाकर निकाल लिए रुपये

महराजगंज। चौक थाना क्षेत्र में बुजुर्ग महिला के बैंक खाते से 20 लाख रुपये निकालने और रुपये वापस मांगने पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारपीट करने का मामला सामने आया है। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट के आदेश के बाद चौक थाने में तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
चौक नगर पंचायत के शिवानगर निवासी अर्जुन पासवान ने बताया कि उसकी मां मुलुरा देवी ने पैतृक जमीन बेचकर मिले 20 लाख रुपये भारतीय स्टेट बैंक की दरहटा शाखा स्थित अपने खाते में जमा किए थे। आरोप है कि कृपाशंकर योगी का उसके गांव में ननिहाल होने के कारण परिवार से पहले से परिचय था। इसी दौरान कृपाशंकर ने अपनी बीमार मां विमला उर्फ जुमला की सेवा के लिए मुलुरा देवी को अपने घर ले जाने की बात कही। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अर्जुन ने अपनी मां को उसके साथ भेज दिया।
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आरोप है कि कुछ समय बाद कृपाशंकर को मुलुरा देवी के खाते में जमा 20 लाख रुपये की जानकारी हो गई। इसके बाद उसने जमीन खरीदने का झांसा देकर बुजुर्ग महिला को बहला-फुसलाया और बैंक ले जाकर अलग-अलग तिथियों में खाते से पूरी रकम निकलवा ली। तहरीर के मुताबिक एक सितंबर 2025 को पांच लाख, 15 सितंबर को चार लाख, सात लाख और चार लाख रुपये निकाले गए। आरोप है कि प्रत्येक निकासी में महिला का अंगूठा लगवाया गया और उसे रकम निकाले जाने की जानकारी नहीं हो सकी।
अर्जुन ने बताया कि बैंक से खाते का स्टेटमेंट निकलवाने पर उसे रकम निकाले जाने की जानकारी हुई। इसके बाद कई बार पंचायत हुई। आरोप है कि पंचायत के दौरान कृपाशंकर ने रुपये निकलवाने की बात स्वीकार करते हुए धीरे-धीरे रकम वापस करने का भरोसा दिया लेकिन बाद में रुपये नहीं लौटाए।
सात जून 2026 की सुबह करीब आठ बजे कृपाशंकर अपने पिता उमाशंकर और मां विमला उर्फ जुमला के साथ बरगदही बसंतनाथ स्थित रिश्तेदारी में आया था। अर्जुन ने जब उनसे रुपये वापस करने की मांग की तो आरोप है कि तीनों ने एक राय होकर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद थप्पड़, जूते और घूंसों से मारपीट की गई। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
आरोप है कि जाते समय तीनों ने दोबारा रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी भी दी। अर्जुन ने पहले चौक थाने और फिर पुलिस अधीक्षक को डाक के माध्यम से शिकायत भेजी लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं हुआ। इसके बाद उसने न्यायालय की शरण ली।
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थानाध्यक्ष चौक मनीष पटेल ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर आरोपी कृपाशंकर योगी, उमाशंकर, विमला उर्फ जुमला निवासी लोहिया नगर वार्ड नंबर 19 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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