चचेरे भाई सतीश सिंह की तेरहवीं में शामिल होने पैतृक गांव धौरहरा पहुंचा माफिया डॉन ब्रजेश सिंह घरवालों को देखकर रो पड़ा। उसने कहा कि हत्याकांड से मुख्तार अंसारी का नाम हटाकर पुलिस ने उसका मान बढ़ा दिया है।
उसने कहा कि अजय खलनायक पर हमले के बाद यदि पुलिस ने अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया होता तो सतीश की हत्या न होती, लेकिन उसे कानून पर पूरा भरोसा है। उम्मीद है पुलिस ही उसके परिवार को न्याय दिलाएगी।
मुख्तार अंसारी ने कराई माफिया डॉन ब्रजेश के भाई की हत्या!
बताया जा रहा है कि उसने अपने समर्थकों से कहा है कि पुलिस ने अपनी ड्यूटी ठीक से न निभाई तो इसके दूरगामी परिणाम होंगे।
ब्रजेश सोमवार की सुबह साढ़े नौ बजे शिवगंगा एक्सप्रेस से वाराणसी पहुंचा। उसे लेने भतीजे सुजीत सिंह समेत बड़ी संख्या में समर्थक सुबह आठ बजे ही स्टेशन पहुंच गए थे, लेकिन ट्रेन साढ़े नौ बजे आई।
पूर्वांचल में मुख्तार-ब्रजेश के बीच गैंगवार की आशंका
दिल्ली पुलिस के चार कमांडो समेत 13 जवानों के घेरे में ब्रजेश 11:30 बजे अपने गांव धौरहरा पहुंचा। गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था। एलआईयू की टीम गांव के लोगों से आने-जाने वालों के बारे में पूछताछ कर रही थी और पुलिस आने-जाने वालों की वीडियो रिकार्डिंग भी कर रही थी।
ब्रजेश अपने घर में सबसे मुलाकात करने के बाद चचेरे भाई सतीश के घर गया। वहां चाचा राम अवतार सिंह, चाची धर्मा देवी और सतीश के चार बच्चों से मुलाकात की। शाम चार बजते ही दिल्ली पुलिस उसे लेकर दिल्ली रवाना हो गई।