समय-दोपहर 11:12 बजे। स्थान: उत्तरप्रदेश, कानपुर का सरसैया घाट। चारों ओर उफनाती गंगा। न गहराई की थाह न किनारों का ओर-छोर। इन हालात में शायद ही कोई गंगा में तैरने का जोखिम उठाएगा।
ऐसे में आठ साल दो माह की एक बच्ची गंगा में 16 किलोमीटर तैरने के लिए उतरती है। वह गंगा की लहरों में तैरते हुए ऐसे आगे बढ़ती है मानो उनसे खेल रही हो।
80 मिनट में वह सरसैया घाट से सिद्धनाथ घाट की दूरी तैरकर पूरी कर लेती है। यह बच्ची कोई और नहीं बल्कि बड़े हौसलों वाली नन्ही तैराक श्रद्धा शुक्ला है। श्रद्धा ने यह कमाल रविवार को कर दिखाया।
मैस्कर घाट निवासी ललित शुक्ला की पुत्री श्रद्धा शुक्ला ने सरसैया घाट पर जब गंगा में छलांग लगाई तो एक पल के लिए सभी की सांसें थम गईं।
श्रद्धा ने तैरकर आगे बढऩा शुरू किया। उसके साथ तीन नावों पर उन्नाव के लियाकत अली और एचएएल के राहुल सैनी, अतुल मिश्रा समेत 12 गोताखोर चल रहे थे। श्रद्धा 80 मिनट में तैरकर दोपहर 12:32 बजे सिद्धनाथ घाट पहुंची। यहां उसके पहुंचते ही लोगों की खुशी का ठिकाना न रहा।
विश्व रिकार्ड का दावा ठोका
श्रद्धा ने सरसैया घाट से सिद्धनाथ घाट की 16 किमी की दूरी 80 मिनट में तैरकर पूरी करने के लिए विश्व रिकार्ड का दावा ठोका है। बताया गया कि अभी तक वल्र्ड रिकार्ड अमेरिका के तैराक के नाम है। उसने 12 किमी की दूरी 120 मिनट में पूरी की थी।
'एक बार डबका घाट पर मुझे लगा कि मैं डूब जाऊंगी। पानी के भंवर में फंसने लगी तभी गोताखोरों ने मुझे बचाने के लिए कहा। मैंने उन्हें मना कर दिया। इसके बाद मैंने भगवान को याद कर अपनी पूरी ताकत लगाई और भंवर से बाहर निकल गई। इसके बाद मैं सिद्धनाथ घाट पहुंच गई।
-श्रद्धा शुक्ला
एक नजर
नाम-श्रद्धा शुक्ला
स्कूल- सेंट मैरी स्कूल, कैंट में कक्षा चार में अध्ययनरत
उपलब्धि-वर्ष 2011 में मैस्कर घाट से अग्रसेन व्यायामशाला तक तैरी थी।
वर्ष 2012 में गंगा बैराज से मैस्कर घाट तक १० किमी की दूरी तय की थी।