सपा विधायक लक्ष्मी गौतम और उनके पति दिलीप वार्ष्णेय का झगड़ा सड़कों पर आ गया है। जिस तरह से दोनों के समर्थक आमने सामने आने लगे हैं उससे कानून व्यवस्था को भी खतरा पैदा हो रहा है।
कमिश्नर ने संभल के डीएम और पुलिस कप्तान को आदेश दिया है कि वह मूकदर्शक न बनें बल्कि कार्रवाई करें। वहीं सरकार को भी पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है। बताया जा रहा है कि शासन से भी कार्रवाई की अनुमति मिल गई है।
चंदौसी की विधायक लक्ष्मी गौतम और उनके पति के बीच का विवाद इन दिनों सुर्खियां बन रहा है। कभी विधायक पर अपनी ससुराल में जाकर मकान कब्जाने का आरोप लगता है तो कभी पति के साथ मारपीट करने का।
छह माह से चली आ रही यह पारिवारिक जंग मुख्यमंत्री से लेकर सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव तक पहुंच चुकी है। बीच में सपा नेतृत्व ने दोनों को खामोश करा दिया था। कुछ दिन शांति रही भी मगर अब फिर रार शुरू हो गई है।
रविवार को तो लक्ष्मी गौतम और उनके पति के बीच संघर्ष हो गया था। फायरिंग हुई। पति पत्नी का झगड़ा पूरे चंदौसी ने देखा। पुलिस पहुंचकर भी मूकदर्शक बनी रही। मंडलायुक्त शिवशंकर सिंह ने बताया कि यह वाकई गंभीर मामला है।
जिस तरह से संभल का पुलिस और प्रशासन इसे पति पत्नी का झगड़ा मानकर हल्के में ले रहा है वह गलत है। कमिश्नर ने संभल के अफसरों को आदेश दिया है कि दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। जो भी दोषी हो उस पर एक्शन लेने में जरा भी संकोच न करें।
विधायक दंपति पर बलवा करने का भी मामला दर्ज
विधायक दंपति की ओर से दर्ज मुकदमों में दोनों ने एक दूसरे पर बलवा करने का मामला दर्ज कराया है। इस हाई प्रोफाइल मामले में विधायक की ओर से दर्ज एफआईआर में पति और उनका परिवार फंसा है, जबकि विधायक के साथ उसके 15-20 अज्ञात समर्थक भी नामजद हैं।
यदि पुलिस जांच करती है तो विधायक दंपति के करीबी भी जांच की आंच में आएंगे। सबको बयान देने पड़ेंगे और बयानों तथा साक्ष्य के आधार पर इसमें कुछ लोग पुलिस की चार्जशीट का हिस्सा भी बन सकते हैं।
लेकिन पुलिस अभी इस हाई प्रोफाइल मामले में बहुत तेजी नहीं दिखा रही है। इसलिए घटना के 24 घंटे बाद भी घटनास्थल पर न तो किसी अधिकारी ने दौरा किया है न ही किसी व्यक्ति के बयान दर्ज किए गए हैं।
किन धाराओं में दर्ज हैं मुकदमे
विधायक पति दिलीप वार्ष्णेय की तहरीर पर विधायक लक्ष्मी गौतम के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 452, 323, 506 तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
विधायक ने आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 452, 323, 506 व 3 (1) 10 एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। दोनों ही मुकदमों में गैर जमानती धाराएं लगी हैं।