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टेट में उर्दू शिक्षकों से पूछे जाएंगे आसान सवाल

Thu, 18 Apr 2013 07:44 AM IST
लखनऊ/अमर उजाला ब्यूरो
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शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में भाषा शिक्षक के लिए आसान सवाल पूछे जाएंगे।
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प्राथमिक स्तर की परीक्षा में बाल विकास एवं अभिज्ञान, गद्य, पद्य, व्याकरण में परिभाषा, लिंग, मुहावरे, वचन, कविता, पंक्तियों की पहचान तथा निबंध में भाषा अभिव्यक्ति से जुड़े सवाल होंगे।

निबंधन 60 अंक का होगा और परीक्षा में पास होने के लिए 60 फीसदी अंक पाना अनिवार्य है।

राज्य सरकार मोअल्लिम-ए-उर्दू और अलीगढ़ विश्वविद्यालय से डिप्लोमा इन टीचिंग करने वालों को शिक्षक बनाना चाहती है। नवंबर 2011 में आयोजित टीईटी ये दोनों उपाधिधारक पास नहीं कर पाए थे।
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प्रदेश में सत्ता बदलने के बाद अखिलेश सरकार ने इनके लिए अलग से भाषा शिक्षक पात्रता परीक्षा कराने का निर्णय किया और इसके आधार पर ही प्रश्नपत्र का प्रारूप तय किया गया है।

प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा की ओर से जारी शासनादेश के मुताबिक बाल विकास एवं अभिज्ञान 30, गद्य, पद्य 30, व्याकरण में परिभाषा, लिंग, मुहावरे, वचन, कविता, पंक्तियों की पहचान 30 अंक तथा निबंध में भाषा अभिव्यक्ति से जुड़े सवाल 60 अंक के होंगे।

परीक्षा 150 अंक की होगी और इसमें 60 फीसदी अंक पाने वाला पास होगा। यानी साफ है कि भाषा शिक्षक यदि मामूली जानकारी भी रखते हैं, तो आसानी से पास हो जाएंगे।

जबकि, अन्य में अंग्रेजी, गणित, पर्यावरण, विज्ञान से संबंधित सवाल पूछे जाएंगे, इसलिए सामान्य टीईटी पास करना आसान नहीं होगा।

एक बार होगी टीईटी

टीईटी साल में एक बार दो दिवसों में होगी। राज्य सरकार के निर्देश पर एक से अधिक बार भी आयोजित की जा सकती है। इसके लिए विभागीय वेबसाइट बनाई जाएगी। इस पर आवेदन लेने के साथ सभी जानकारियां दी जाएंगी।

प्रवेश पत्र वेबसाइट पर 15 दिन पहले लोड कर दिया जाएगा। परीक्षार्थी इसे डाउनलोड कर परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। परीक्षा परिणाम घोषित होने के एक माह के अंदर डायट पर इसके प्रमाण पत्र बांटे जाएंगे।

एक केंद्र पर 500 परीक्षार्थी

टीईटी आयोजन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बनेगी। इसमें एसएसपी, डायट प्राचार्य व बीएसए सदस्य तथा डीआईओएस सदस्य सचिव होगा। कमेटी के निर्देश पर ही परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे।
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एक केंद्र में 500 परीक्षार्थियों को रखा जाएगा। नकल रोकने की जिम्मेदारी जिलाधिकारियों की होगी। इसके लिए वह केंद्र व्यवस्थापकों के साथ बैठक करेंगे। प्रश्नपत्र जिलों में सुरक्षा के बीच भेजे जाएंगे।
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