ललितपुर। नगर पालिका अध्यक्ष और सभासदों के आपसी मतभेद शहर के विकास कार्यों में बाधक बन गए हैं। आलम यह है कि छह महीने में तीसरी बार बुलाई गई बैठक के स्थगित होने से विभिन्न निर्माण कार्यों सहित करीब 12 करोड़ के प्रस्ताव फिर लटक गए हैं। हालांकि पालिकाध्यक्ष ने शनिवार को बैठक फिर करने का निर्णय लिया है लेकिन यही हालात रहे तो प्रस्ताव पास हो सकेंगे कि नहीं यह कहना मुश्किल है।
वार्डों में पार्षद लाइट, सड़क, नाली और साफ-सफाई आदि का प्रस्ताव देकर विकास कार्य कराने में महती भूमिका निभाते हैं लेकिन शहर की नगर पालिका के विकास कार्य पार्षद व अध्यक्ष बीच उपजे मनमुटाव की भेंट चढ़ गए। यहां पर लगभग छह माह में तीसरी बार सोमवार को हुई बैठक भी बेनतीजा साबित रही। बोर्ड बैठक की जानकारी होने पर शहरवासी मोहल्लों में सड़क, नाली व लाइट की व्यवस्था होने की उम्मीद लगा रहे थे, लेकिन जब बोर्ड बैठक में पार्षद व अध्यक्ष एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते रहे।
इससे बैठक में विकास कार्यों की उम्मीद को झटका लगा। नगर पालिका सभागार में आयोजित बोर्ड बैठक में पार्षदों द्वारा दिए गए शहर की 43 सीसी सड़कों के प्रस्ताव पर स्वीकृति तो दूर उन्हें सुना तक नहीं गया। इससे सड़क की स्वीकृति की उम्मीद लगाकर आए पार्षद भी मायूस हो गए। वहीं कई मोहल्लों में नालियों के अभाव में सड़क पर बह रहे पानी की समस्या का निराकरण भी नहीं हो सका। इसके अलावा अन्य विकास कार्यों भी थम गए। साफ-सफाई को उपकरण खरीद पर भी विचार नहीं हो सका। नगर के विभिन्न वार्डों के मोहल्लों में सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइटें, खराब हैंडपंप व अन्य कार्यों में खर्च करने के लिए 12 करोड़ रुपये नगर पालिका के पास हैं, लेकिन आपसी सहमती न होने से पैसा यथा स्थिति में रखा है।