ललितपुर। कस्बा बिरधा में पेयजल समस्या को लेकर महिलाओं के सब्र का बांध टूट गया। उन्होंने जल संस्थान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मटका फोड़कर प्रदर्शन किया। इससे प्रशासन में खलबली मच गई। जिला पंचायत राज अधिकारी ने तुरंत पानी का टैंकर भेजा, तब जाकर महिलाओं का गुस्सा ठंडा हुआ।
सूर्यदेव के तेवर सख्त होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने लगा है। कस्बा बिरधा में करीब एक माह से जलापूर्ति बाधित है। मोहल्ला महावीरपुरा की महिलाओं का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने मटका फोड़कर प्रदर्शन किया। सोशल मीडिया पर प्रदर्शन की फोटो वायरल हो गई। इससे प्रशासन हरकत में आ गया। जिला पंचायत राज अधिकारी डॉ. अवधेश सिंह ने तत्काल ग्राम प्रधान व सचिव से संपर्क साधा। इसके बाद टैंकर से जलापूर्ति कराई गई। मोहल्ले में टैंकर पहुंचते ही यहां के महिला और पुरुषों का गुस्सा शांत हो गया।
ग्रामीणों का कहना है कि एक माह से पाइप लाइन चोक है, जिस कारण जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। इस पाइप लाइन को एक साल पहले ही बिछाया गया था। इसके अलावा ट्यूबवेल से जलापूर्ति की व्यवस्था की गई है, इससे टंकी तक पानी पहुंचता ीहै लेकिन मोहल्लों में आपूर्ति नहीं हो पा रही है। उधर, ग्राम धौर्रा व ब्लाक बार के ग्राम कारीटोरन में भी पेयजल की समस्या बनी हुई है। जल संस्थान के अफसरों का कहना है कि ग्राम धौर्रा में मोटर की मरम्मत कराई जा रही है। वहीं, ग्राम कारीटोरन में पाइप लाइन लीकेज है, जिसे सुधारा जा रहा है।
पंद्रह दिन पहले ही पाइप लाइन की मरम्मत की गई थी। रविवार को मौके पर पहुंचकर जलापूर्ति को सुचारु बनाया जाएगा।
- संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
जब तक कस्बा में जलापूर्ति सुचारु नहीं हो जाती है, तब तक विभाग की ओर से टैंकर निरंतर भेजा जाएगा। कस्बा में पानी की समस्या नहीं होने दी जाएगी।
- डॉ. अवधेश सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी