ललितपुर। ग्राम पंचायतों द्वारा टीडीएस की कटौती किए बिना करोड़ों रुपये के भुगतान करने पर आयकर विभाग हरकत में आ गया है। विभाग ने कार्यशाला का आयोजन कर जिम्मेदारों को जागरुक करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में विकास भवन सभागार में कार्यशाला हुई। इसमें कहा गया कि बगैर टीडीएस की कटौती करके भुगतान करने पर अधिकारियों के निजी खाते से वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
विकास भवन के सभागार में कार्यशाला आयकर आयुक्त मनीष मिश्रा कानपुर के निर्देशन में आयोजित की गई। इसमें टीआर रहमान अपर आयुक्त टीडीएस कानपुर के मुख्य आतिथ्य और योगेंद्र मिश्रा उपायुक्त आयकर टीडीएस कानपुर विशिष्ट अतिथि की मौजूदगी में आउट-रीच प्रोग्राम के अंतर्गत ग्राम पंचायतों द्वारा करोड़ों रुपये के भुुगतान पर टीडीएस की कटौती नहीं विषय पर चर्चा की गई। बताया कि आयकर विभाग झांसी ने जांच में पाया है कि ललितपुर समेत 75 जिलों में सभी ग्राम पंचायतों द्वारा करोड़ों रुपये का भुगतान ठेकेदारों से बगैर टीडीएस काटे ही किया जा रहा है। 14वें वित्त आयोग की संस्तुति के बाद केंद्र एवं राज्य पंचायतों के फंड सीधे ग्राम पंचायतों को आते हैं, जिन पर ठेकेदारों को कार्य का भुगतान बिना टीडीएस की कटौती के इलेक्ट्रानिक माध्यम से कर दिया जाता है, जबकि ठेकेदारों को भुगतान के समय भुगतान की गई राशि पर दो प्रतिशत की दर से टीडीएस की कटौती करना अनिवार्य है, जो कि ग्राम पंचायतों द्वारा नहीं की जा रही है।
जांच के दौरान यह संज्ञान में आया कि करोड़ों रुपये के भुगतान ठेकेदारों को बिना टीडीएस कटौती किए ही कर दिए गए हैं एवं ग्राम पंचायतों के पास टिन नंबर भी उपलब्ध नहीं है। कार्यशाला में टीडीएस के प्रावधानों एवं बिना टीडीएस कटौती के किए गए भुगतानों से होने वाले विपरीत परिणाम से भी अवगत कराया गया है। बिना टीडीएस कटौती किए गए फंड के भुगतानों की वसूली विभाग के उत्तरायी अधिकारियों के निजी खातों से की जाएगी।
कार्यशाला में सीडीओ अनिल कुमार पांडेय, जिला पंचायत राज अधिकारी डा. अवधेश सिंह, खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी पंचायत, पंचायत सचिव, वीरेंद्र सिंह आयकर निरीक्षक, आशीष शिवहरे, अब्दुल रहमान उपस्थित रहे। आयकर अधिकारी टीडीएस आरएन वर्मा ने सभी का आभार प्रकट किया।