कैपसन- डंपिगस्थल पर कचरा फेंकने नहीं बची जगह
शहर का कचरा कहां डाले नगर पालिका, डंपिंग स्थल फुल
डंपिग स्थल ठसा-ठस भरा, बार डाला जा रहा कचरा
कचरा निस्तारण के लिए नहीं है कोई व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। नगर के कचरे को उठाने वाली नगर पालिका के पास कटरा एकत्रित करने के लिए जगह की कमी पड़ने लगी है। वर्तमान में मुहल्ला रामनगर में स्थित टिंचिंग ग्राउंड पर नगर पालिका का डंपिंग स्थल बना हुआ है, जोकि पूरी भर चुका है। इससे कचरा एकत्रित करने में काफी समस्या आ रही है।
नगर से प्रतिदिन करीब पांच मैट्रिक टन कचरा नगर पालिका द्वारा एकत्रित किया जाता है। नगर के सारे कचरे को धोकर मुहल्ला रामनगर में स्थित टिंचिंग ग्राउंड में डंप किया जाता है। यह डंपिंग स्थल करीब तीन एकड़ क्षेत्र में बना हुआ है, करीब सात-आठ वर्षों से यहां पर कचरा डंप किया जा रहा है। पूर्व में शहर का कचरा राजघाट मार्ग पर स्थित कब्रिस्तान के पास डंप किया जाता था, लेकिन यहां पर बस्ती बसने के बाद टिंचिंग ग्राउंड पर कचरे को डंप करने की व्यवस्था की गई थी। पिछले आठ वर्षों में यहां पर हजारों मैट्रिक टन कचरा एकत्रित हो गया है, लेकिन कचरा निस्तारण के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। वर्षों पूर्व डंपिंग स्थल पर एकत्रित कचरे से बनी खाद्य को जनपद के किसानों द्वारा उपयोग में ले लिया जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इसका उपयोग नहीं किया जा रहा है। लगातार कचरा एकत्रित होने के कारण यहां पर कचरों के काफी बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं। अंदर तक जाने के लिए रास्ता नहीं होने के कारण अब कचरे को बाहर की डंप किया जाने लगा है। इससे आस-पड़ौस में रहने वाले लोगों को भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों की जान जोखिम में, समतलीकरण अस्थाई विकल्प
डंपिंग स्थल पर वर्षों से एकत्रित हुए हजारों मीट्रिक टन कचरे के कारण यहां पर काफी ऊंचाई तक ढेर लग गए हैं, इससे कचरा व बिजली के तारों के बीच कम ही ऊंचाई बची हुई है। ऊपर की ओर कचरा फेंकने जाने वाला वाहन कभी इन बिजली के तारों की चपेट में आ सकता है। इसलिए कर्मचारी अपनी जान जोखिम में ना डालकर बाहर की कचरा डंप करने लगे हैं, यदि नगर पालिका या जिला प्रशासन द्वारा जल्द ही कोई कदम नहीं उठाया गया तो कचरा सड़कों पर आने लगेगा। इस समस्या से निपटने के लिए विभाग के पास केवल एक मात्र ही अस्थाई विकल्प है कि इन कचरों के ढेरों का बुलडोजर से समतलीकरण करा सकते हैं, ताकि अंदर तक वाहन जाने के लिए रास्ता बन सके।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की प्रोसेस जीरो
भारत सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों की कायाकल्प करने के उद्देश्य से चलाई जा रही अमृत योजना के तहत भी सभी जनपदों में कचरा निस्तारण के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्थापित कराए जा रहे हैं। इसके लिए सभी नगरीय निकायों से प्रस्ताव लिए जा रहे हैं, लेकिन नगर पालिका व जिला प्रशासन अभी तक इस प्लांट के लिए जमीन की तलाश नहीं कर पाया है। शासनादेश के अनुसार प्लांट के लिए जमीन उपलब्ध कराने की जिम्मेवारी जिलाधिकारी की है, लेकिन पिछले कई माह से यह मामला ठंडे बस्ते में डला हुआ है, धरातल पर इस योजना की प्रोसेस शून्य स्तर पर बनी हुई है। इस प्लांट को स्थापित कराने के लिए करीब 30 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। नगर पालिका पिछले कई वर्षों से प्लांट की स्थापना कराने का प्रयास करा रही है, पहले इसको स्थापित कराने का काम जल निगम की निर्माण इकाई एनडीएस कर रही थी, पूर्व कार्य योजना के अनुसार विभाग ने ग्राम अमर में करीब तेहर एकड़ भूमि चिह्नित की थी, लेकिन स्थानीय नवीन गल्ला मंडी के पास बने हवाई अड्डे की सुरक्षा के लिए रक्षा विभाग से तय मानकों का पेंच फस हुआ है। पालिका द्वारा रक्षा विभाग की एनओसी लेने के लिए कई बार पत्राचार किए गए, लेकिन वहां से कोई जबाब नहीं आया है। कुछ माह पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जनपद के इस हवाई अड्डे को शुरु कराने के लिए रक्षा मंत्रालय के साथ पत्राचार किया है, इस कारण पालिका ने अमरपुर की भूमि के बारे सोचना ही बंद कर दिया है। अब नगर पालिका अमृत योजना के तहत सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की स्थापना कराने के लिए जिला प्रशासन की मदद से 30 एकड़ जमीन तलाश रही है, जोकि शासन के मानकों पर खड़ी उतरे। वहीं पालिका व जिला प्रशासन की कार्य योजना है कि प्लांट ऐसे स्थान पर स्थापित कराया जाए, जहां पर पूरे जनपद के कचरे का निस्तारण हो सके और कचरा ढोने में भी असुविधा ना हो।
सॉलिड वेस्ट प्लांट के लिए जगह तलाशी जा रही है। जगह मिलते ही निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
राकेश कुमार अधिशाषी अधिकारी