ललितपुर। गेहूं में बालू मिलाने के मामले में अब एजेंसी द्वारा खरीदे गए कुल गेहूं का मिलान किया जाएगा। इसमें इस बात की जानकारी की जाएगी कि कहीं एजेंसी ने एक हजार बोरी से पहले भेजे गेहूं में भी तो बालू नहीं मिलाई है। इस मामले में थोड़ी ढील पड़ गई है, क्योंकि रेलवे की रैक लगने से जिले में गेहूं के फुल गोदामों को खाली करने का काम शुरू कर दिया गया है। उधर, किसानों का बकाया भुगतान अभी भी समस्या बना हुआ है। बकाया भुगतान बढ़कर छियालीस करोड़ रुपये हो गया है।
खरीद एजेंसी द्वारा गेहूं में बालू मिलाकर बेचने का मामला शांत होता दिखाई नहीं दे रहा है। कांग्रेस संगठन व बुंदेलखंड विकास सेना ने आंदोलन शुरू कर दिया है। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर भी एजेंसी की पुरानी परतें खंगाली जाएंगी। इस फर्म ने जो अभी तक गोदामों में डिलीवरी कराई है, उसका मिलान कराया जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि गेहूं में किसी प्रकार की गड़बड़ी तो नहीं है। इसकी जांच एफसीआई के कर्मियों द्वारा की जाएगी। इसको लेकर निर्देश दे दिए गए हैं, लेकिन वर्तमान में रेलवे की रैक लगने से यह काम पिछड़ गया है।
उधर, गेहूं के भुगतान को लेकर समस्या बनी हुई है। वर्तमान में बकाया भुगतान बढ़कर 4658.215 लाख रुपये हो गया है। इससे किसानों की समस्याएं कम नहीं हो पा रही हैं। बता दें कि गोदामों के फुल होने से 18459.78 मीट्रिक टन गेहूं का सुरक्षित भंडारण नहीं हो पा रहा है।
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रेलवे की रैक जाने से गोदामों में भंडारण की समस्या का निदान हो जाएगा। जहां एक खरीद एजेंसी के गेहूं के मिलान की बात है तो उसे शीघ्र ही पूरा कराया जाएगा।
- राकेश कुमार त्रिपाठी
जिला खाद्य विपणन अधिकारी